बरहज के रामजानकी मार्ग स्थित धार्मिक स्थली संवाद
बरहज। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या से उनके ससुराल जनकपुर को जोड़ने वाली सड़क रामजानकी मार्ग पर एनएच 227ए की ओर से चौड़ीकरण कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन की उदासीनता, सरकारी भवन और धार्मिक स्थलों को शिफ्ट न कराए जाने के कारण कार्य सुस्त पड़ गया है।
हालांकि 1300 करोड़ की लागत से 57 किलोमीटर सड़क पर चौड़ीकरण कार्य कराने की परियोजना है। जिस पर लवरछी बाईपास और कुंडौली में अंडरपास भी बनाया जा रहा है। मार्ग पर धीमी गति से कराए जा रहे निर्माण कार्य को लेकर लोगों में नाराजगी है। बड़हलगंज से कपरवार उग्रसेन सेतु के रास्ते कुंडौली और मेहरौना बॉर्डर तक भारत श्रृंखला माला के तहत रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है। लोगों के अनुसार, कपरवार से बिहार बॉर्डर तक रास्ते में करीब आधा दर्जन से अधिक धार्मिक स्थल और सरकारी भवन हैं।
बताया जा रहा है कि इन्हें एनएच 227ए की ओर से जमीन मुहैया कराते हुए शिफ्ट कराने की कवायद किया गया है। इनके स्थानांतरित न होने के कारण निर्माण कार्य में अड़चन आ रही है, जिसके कारण कार्य सुस्त हो गया है। सड़क पर मिट्टी और गिट्टी डालकर छोड़ दिए जाने के कारण लोगों का राह चलना भी कठिन हो गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार भवनों को शिफ्ट कराने में लापरवाही बरत रहे हैं।