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Deoria News: खूब बिक रही नींद की गोलियां और कफ सिरप, एक साल में तीन गुना बढ़ी मांग

Mon, 10 Nov 2025 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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गोरखपुर। बिहार बॉर्डर पर कफ सिरप और नींद की गोलियों की खपत पिछले एक साल में तेजी से बढ़ी हैं। दवा विक्रेताओं का अनुमान है कि इन दवाओं की डिमांड अब तीन गुना तक पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि यह दवाएं सामान्य मरीजों से ज्यादा नशे के तौर पर इस्तेमाल की जा रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में नए मेडिकल स्टोर खुल गए हैं, जिनमें से कई संदिग्ध रूप से केवल यही दवाएं बेचने पर केंद्रित हैं।
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गोरखपुर का भालोटिया मार्केट इस अवैध धंधे का प्रमुख केंद्र बन गया है। वहां से बड़ी मात्रा में कफ सिरप और नींद की गोलियां देवरिया के रास्ते बिहार बॉर्डर तक पहुंचाई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, भालोटिया मार्केट से तीन प्रमुख धंधेबाज इस सप्लाई चेन को नियंत्रित करते हैं।
बीते अगस्त में भाटपाररानी इलाके में दो मेडिकल स्टोर पर इस तरह की दवाएं पकड़ी भी गई थीं। इसके अलावा बघौचघाट से लेकर भागलपुर तक बाॅर्डर से सटे हर चौराहे पर दवा की दुकानें खुल गई हैं। इन दुकानों पर गोरखपुर से आ रही दवाएं बिना किसी लिखा-पढ़ी के धड़ल्ले से बिक रही हैं।
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उधार के ड्रग इंस्पेक्टर, नहीं हो रही निगरानी
देवरिया के ड्रग इंस्पेक्टर का पद करीब छह महीने से रिक्त है। कागज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए मऊ जिले के ड्रग इंस्पेक्टर को देवरिया का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। वे भी सप्ताह में दो बार ही देवरिया आते हैं। ऐसे में बार्डर इलाके की निगरानी होती ही नहीं है। विभागीय जानकारों के अनुसार जिले में करीब 500 विक्रेता होलसेल में पंजीकृत हैं। जबकि करीब 1200 फुटकर विक्रेता हैं। इसके अलावा बॉर्डर इलाके में तमाम अपंजीकृत दवा विक्रेता हैं, जो धंधे में लगे हैं।
सरकारी अस्पताल में नहीं बढ़े खांसी के मरीज
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि खांसी के मरीज मौसम में उतार चढ़ाव के दौरान ही अधिक आते हैं। सामान्य दिनों में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लगभग 150 तो वहीं सीएचसी में 20-25 मरीज ही आते हैं। सीएमएस डॉ. एचके मिश्र का कहना है कि खांसी के मामलों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं है।

कोडिनयुक्त कफ सिरप से बढ़ता है अवसाद
कफ सिरप में कोडीन और नींद की गोलियों में सिडेटिव तत्व होने के कारण इनका सेवन नशे के रूप में किया जा रहा है। डॉ. गौरव पांडेय बताते हैं कि इन दवाओं की आदत पड़ जाने पर व्यक्ति अवसाद का शिकार हो जाता है। इसीलिए खांसी के मरीज को नियंत्रित मात्रा में ही कफ सिरप की सलाह दी जाती है। इसके अलावा नींद की गोलियां लेने की आदत पड़ जाने पर बाद में नींद न आने की समस्या गंभीर हो जाती है।
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