नहीं रहे संत सियाराम जू महाराज
पकड़ी बाजार। अध्यात्म और शिक्षा की अलख जगाने वाले संत श्री सियाराम जू महाराज अब नहीं रहे। बृहस्पतिवार की सुबह अपने पैत्रिक गांव अजयपुरा मरवट में उन्होंने अंतिम सांस ली। क्षेत्र में दर्जनों मंदिर और स्कूल बनवाने वाले सियाराम जू महाराज इन दिनों अपने पैत्रिक गांव में मंदिर का निर्माण करा रहे थे।
अजयपुरा मरवट निवासी रामसिगार यादव चार लड़कों में वेदमणि सबसे बड़े थे। जो वैराग्य लेने के बाद सियाराम जू महाराज के नाम से जाने गए। उनका जन्म 1948 में हुआ था। पिता ने वेदमणि की शादी गोरखपुर जिले के बैरिया गांव पानमती देवी कर दी। अभी गौना नहीं हुआ था कि सियाराम जू महाराज ने वैराग्य धारण कर लिया। संन्यास लेने के वर्षों बाद वह अपने क्षेत्र में धर्म और शिक्षा के प्रचार में जुट गए। उन्होंने दर्जनों मंदिरों का निर्माण कराया। बाबा महेंद्रानाथ मंदिर महेन का जीर्णोद्धार कराया। वहीं बैरिया तिवारी अपनी ससुराल में मंदिर का निर्माण कराया। उनके नाम से सियाराम जू महाराज शिक्षा संस्थान बहसुआ में है। वह अंतिम समय में अपने जन्म स्थान अजयपुरा मरवट में मंदिर का निर्माण करा रहे थे। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। अजयपुरा मरवट गांव में उनके अंतिम दर्शनों के लिए क्षेत्र के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।