- फिरौती या पुराने विवाद की कड़ियां खंगाल रही जांच टीमें, घर छोड़कर भाग गए हैं आरोपी
देसही देवरिया। आयुष अपहरणकांड के तीन दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। गोरखपुर के पैडलेगंज में रिहा होने के बाद आयुष का मेडिकल कराया गया और उसे घर भेज दिया गया। पूछताछ में उसने अपहरण में शामिल छह आरोपियाें की पहचान बताई है। पुलिस के अनुसार सभी उसकी जान-पहचान के हैं और घटना के बाद से भाग गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस और एसओजी की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के पिपरा मदन गोपाल निवासी 24 वर्षीय आयुष सिंह को सोमवार दोपहर बलटिकरा चौराहे से चारपहिया वाहन में जबरन बैठाकर ले जाया गया था। शुरुआत में परिजनों और स्थानीय लोगों को लगा कि उसे पुलिस ले गई है। जानकारी स्पष्ट होने पर एसपी अभिजीत आर शंकर ने बरामदगी और घटना के खुलासे के लिए चार टीमें गठित की थीं।
पुलिस टीमों ने देवरिया के अलावा आसपास के जिलों में दबिश देकर 15 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। मंगलवार भोर करीब साढ़े चार बजे अपहरणकर्ता आयुष को गोरखपुर के पैडलेगंज में छोड़कर भाग गए। आयुष ने पुलिस को बताया कि वाहन में छह लोग थे। उसने कुछ अन्य लोगों पर साजिश में शामिल होने का संदेह भी जताया है।
रुपये के लेनदेन से जुड़े विवाद की जांच
पुलिस के अनुसार आयुष के बताए लोगों से उसके पुराने संपर्क रहे हैं। पूछताछ में रुपये के लेनदेन और धमकी देकर रकम मांगने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अपहरण के पीछे फिरौती मुख्य वजह थी या कोई पुराना विवाद।
करीब दो वर्ष पहले भी आयुष के कथित अपहरण की बात सामने आई थी। उस मामले में उसे राजस्थान ले जाने, कई दिन रखने और रुपये लेने के बाद छोड़ने की जानकारी पुलिस को मिली थी। मौजूदा मामले के कुछ संदिग्धों के पुराने घटनाक्रम से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।
अपहरण की धाराओं में एफआईआर
महुआडीह थाना क्षेत्र में आयुष को कार में जबरन बैठाकर ले जाने के मामले में अपहरण की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसकी मां विजयलक्ष्मी देवी ने बताया कि आयुष सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे बलटिकरा मुख्य मार्ग पर पंचर की दुकान के सामने रुका था। इसी दौरान बिना नंबर की कार से आए दो युवकों ने उसका हाथ पकड़कर जबरन बैठाया और सेरौना की ओर निकल गए। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रभात सिंह को सौंपी गई है।
रिहाई पर भी पुलिस की नजर
आयुष को करीब 14 घंटे बाद पैडलेगंज में छोड़ दिया गया। अब पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि दबिश के दबाव में अपहरर्ताओं ने उसे छोड़ा या रिहाई से पहले रुपये अथवा किसी अन्य शर्त को लेकर कोई बात हुई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
आयुष के अपहरण मामले की जांच चल रही है। अभी तक सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। - अभिजीत आर. शंकर, एसपी