देसही देवरिया। हरखौली गांव के लापता किशोर की मौत के मामले में पीड़ित परिजनों ने बृहस्पतिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी से मदद की गुहार लगाई है। किशोर अमन सिंह की मां शैल देवी ने पुलिस पर शुरू से ही हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए दोनों जनप्रतिनिधियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कराए जाने की है। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उसकी हत्या हुई है। हत्यारों ने आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। विधायक ने मदद का आश्वासन दिया है।
महुआडीह थानाक्षेत्र के हरखौली गांव का रहने वाला अभिषेक उर्फ अमन सिंह (17) 30 जनवरी की सुबह घर से लापता हो गया था। उसी दिन करीब तीन घंटे बाद बैतालपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर ट्रैक पर उसका शव पड़ा मिला। जीआरपी पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद लावारिस घोषित कर जला दिया। 17 फरवरी को घर वालों को अभिषेक की मौत का पता चला। इसके बाद परिजन देवरिया जीआरपी थाना पर पहुंचे। पुलिस ने फोटो दिखाकर पहचान कराई। बेटे की शव पहचान कर परिजन बदहवाश हो गए।
इकलौते बेटे को खोने के बाद पिता जय सिंह, माता शैल देवी, छोटी बहन साक्षी उर्फ ट्विंकल का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, परिजन अभिषेक की मौत पर गंभीर सवाल खड़ी कर रहे हैं। शैल देवी का कहना है कि पास के एक गांव की युवती से उनके बेटे की मोबाइल पर बात होती थी। कुछ दिन बाद अमन ने बात करना बंद कर दिया तो युवती ने अभिषेक को धमकाना शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि थाने पर तहरीर देकर अमन को फंसाने की कोशिश भी की। शैल देवी ने बेटे की हत्या में उक्त युवती के हाथ होने की आशंका जताई है। उन्होंने सवाल किया कि जब अमन गोरखपुर जाने की बात कहकर घर से निकला तो वह बैतालपुर कैसे चला गया। इस तरह उसका शव मिलना हत्या की तरफ साफ संकेत कर रही है।
बृहस्पतिवार को शैल देवी ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सदर विधायक डॉ शलभ मणि त्रिपाठी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। कहा कि बेटे ने आत्महत्या नहीं की है। उसे बुलाकर हत्या की गई है। शलभ मणि त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लिया है। हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इससे पहले पीड़ित परिवार बुधवार को डीएम दिव्या मित्तल, एसपी संजीव सुमन से भी मिलकर फरियाद कर चुका है।