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अब ड्रोन कैमरे से होगी नहरों की सफाई की निगरानी

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रामपुर चंद्रभान गांव के पास सूखा पड़ा माइनर - फोटो : DEORIA
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अब ड्रोन कैमरे से होगी नहरों की सफाई की निगरानी
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सफाई से पूर्व और बाद की चीफ कार्यालय भेजनी होगी सीडी
सत्यापन के बाद ही होगा भुगतान, शासन ने जारी किए निर्देश
नीलांबुज मिश्र
देवरिया। नहरों की सिल्ट सफाई में अब ठेकेदार धांधली नहीं कर सकेंगे। अफसरों की फर्जी रिपोर्टिंग भी नहीं चलेगी। शासन ने ड्रोन कैमरे से सफाई की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सफाई से पूर्व और उसके बाद की रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट सीधे मुख्यालय जाएगी। सत्यापन रिपोर्ट पर मुहर लगने के बाद ही ठेकेदार का भुगतान हो पाएगा।
देवरिया और कुशीनगर जिले में 476 छोटी बड़ी नहर और नाले हैं, जिसमें कुशीनगर में 116 नहरें हैं। प्रत्येक वर्ष नहरों की सफाई पर बाढ़ खंड विभाग करोड़ों रुपये खर्च करता है। बावजूद इसके पूर्ण रूप से नहरों की सफाई नहीं होती है और इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचती थी। प्रमुख सचिव टी. वेंकटेश ने बाढ़ खंड विभाग को ड्रोन कैमरे की निगरानी में नहरों की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। टेंडर के बाद नहरों का फुटेज ड्रोन कैमरे की मदद से तैयार किया जाएगा और सीडी बनाकर शासन, चीफ कार्यालय समेत उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। नहरों की सफाई के बाद का भी फुटेज तैयार कर सीडी को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि नहरों की सफाई के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग न हो और पारदर्शिता बनी रहे। प्रमुख सचिव का पत्र मिलने के बाद बाढ़ खंड विभाग तैयारियों में जुट गया है।
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इनसेट
नहरों में पानी के इंतजार में किसान
देवरिया। अभी तक नहर और नालों की सफाई का कार्य बाढ़ खंड विभाग शुरू नहीं करा सका है। देसही देवरिया ब्लॉक के नौतन हथियागढ़, मैनपुर, वृंदावन, मुसहरी समेत दो दर्जन गांवों के किसान तिलहन और दलहन की खेती किए हैं। एक सप्ताह में फसल की सिंचाई करने की जरूरत पड़ जाएगी। यह सभी गांव द्वारिका रजवाहा से जुड़े हैं और पानी नहरों में नहीं आया है। अधिकांश नहरे जिले में कुशीनगर जिले से आई हैं।
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वर्जन
नहरों की सफाई से पूर्व और बाद का फुटेज ड्रोन कैमरे से बनाया जाएगा। इसकी सीडी चीफ कार्यालय और शासन को भेजी जाएगी। कार्यों में पारदर्शिता के लिए प्रमुख सचिव ने ये निर्देश जारी किए हैं। सिल्ट सफाई के लिए जारी हुए बजट से ही ड्रोन कैमरे का खर्च मैनेज करना है।
-राजेंद्र प्रसाद, एक्सईएन बाढ़ खंड।
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