सलेमपुर। सनातन धर्म व संस्कृति का प्रमुख पर्व धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 18 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के ही के दिन समुद्र मंथन से 14 रत्न निकले थे। इसमें विष, मां लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि भी थे। मंथन के वक्त निकलते समय भगवान धन्वंतरि के एक हाथ में अमृत कलश था। इसी कारण इन्हें चिकित्सा विज्ञान के देवता व देवताओं के वैद्य के रूप में जाना जाता है। इनके साथ मां लक्ष्मी व कलश के होने के कारण इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा व बर्तन खरीदने का कार्य किया जाता है। इस बार खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 8:50 से 10:33 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 से दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा। लाभ उन्नति चौघड़िया मुहूर्त दोपहर 1:51 से 3:18 बजे तक रहेगा। धनतेरस के पूरे दिन आप वाहन, आभूषण व बर्तन की खरीदारी कर सकते हैं। धनतेरस में पूजन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 7:16 से रात 8:20 बजे तक है। इस पर्व के दिन से दीपावली पर्व की शुरुआत हो जाती है। संवाद