दो दिन पहले बालू खत्म होने पर रोका था कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/भलुअनी। शिवशंकर अपने परिवार के साथ गांव के बाहर खेत में अर्धनिर्मित मकान में रहते हैं। आवास के पैसों से वह इन दिनों अपने मकान का काम करा रहे थे। लेकिन उनको क्या पता था कि मकान के पूर्ण हाेने के पहले ही इसमें रहने वाला कोई नहीं होगा। एक घटना उनके परिवार को छीन लेगी।
नगर पंचायत में डुमरी के शमिल होने के बाद शिवशंकर को आवास मिला। मकान निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जैसे-जैसे पैसे मिल रहे थे, वह निर्माण कार्य करा रहे थे। इधर, अपनी छत का ख्वाब पाले आरती आवास मिलने के बाद से काफी खुश थी। शिवशंकर मकान का कार्य पूर्ण कराने के बाद छत डलवाने की तैयारी कर रहे थे। दो दिन पहले बालू खत्म होने के बाद उन्होंने कार्य रोक दिया था। एक-दो दिन में बालू आने के बाद मकान कार्य शुरू होने वाला था। लेकिन, उससे पहले ही उनकी खुशी को किसी की नजर लग गई। आज हालात ये हैं कि शिवशंकर को छोड़कर उस मकान में रहने वाला कोई नहीं बचा है। पल भर में उनकी हंसती-खेलती दुनिया उनकी आंखों के सामने उजड़ गई।
पढ़ाई में होनहार थी बेटी आंचल व बेटा कुंदन
देवरिया। शिवशंकर गुप्ता की दूसरे नंबर की बेटी आंचल पढ़ाई में होनहार थी। वह कक्षा छठवीं की छात्रा थी। उसके सपने बड़े थे। पुत्र कुंदन भी तीसरी कक्षा में पढ़ता था। वह भी पढ़ने-लिखने में ठीक था। शिवशंकर बेटा-बेटी को पढ़ाकर कुछ बनाना चाहते थे। वह पावरोटी बेच उनकी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते थे। लेकिन सपने, सपने ही रह गए। बेटा-बेटियों की मौत के साथ सब कुछ खत्म हो गया। बेटी आंचल व बेटा कुंदन भलुअनी चौराहे पर स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ते थे। वह घर का काम करने के साथ ही प्रतिदिन पढ़ने जाया करती थी। पढ़ाई में होनहार थी। परिवार के लोगों से वह कहती थी कि मैं एक अच्छा मुकाम जरूर हासिल करूंगी। आंचल की बातों को यादकर उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम हो जा रही थीं।
बरहज विधायक पहुंचे डुमरी, शिवशंकर से मिलकर दी सांत्वना
बरहज विधायक दीपक मिश्र शाका को जैसे ही सूचना मिली कि भलुअनी कस्बे के डुमरी में सिलिंडर ब्लास्ट में मां सहित तीन मासूम काल के गाल में समा चुके हैं तो वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर शिवशंकर गुप्ता व उनके परिजनों से मिलकर साहस बनाए रखने की बात कही। विधायक ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। पीड़ित परिवार के प्रति मेरी संवेदना है। सरकारी स्तर पर जो भी सहायता होगी, उस परिवार को मुहैया कराई जाएगी। इस दौरान ब्लाॅक प्रमुख छट्ठू यादव, जितेंद्र सागर, मंडल अध्यक्ष प्रणव दूबे, अनुपम मिश्र, पवन पाठक, विनोद सिंह गुड्डू आदि मौजूद थे।