- गांव के बाहर बन रही मकान के अर्ध निर्मित कमरे में शिवशंकर ने आरती से चाय बनाने की कही थी बात
- मना करने के बाद आरती कमरे के गेट पर ही चाय बनाने की बात कहकर दातून करने जाने के लिए बोली
- दातून के लिए बाहर निकलने के बाद आरती ने चाय बनाने के लिए ज्योंहि गैस जलाया पूरे कमरे में आग लग गई
- रोज बाहर बन रहे अर्धनिर्मित कमरे में चाय बनाती थी आरती
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/भलुअनी। डुमरी गांव में सिलिंडर ब्लास्ट की घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसर गया। मौके पर भारी भीड़ एकत्रित हो गई। हर कोई एक-दूसरे से घटना कैसे घटी, यह जानने के लिए आतुर दिखा।
बातचीत के दौरान शिवशंकर ने बताया कि सुबह सोकर उठने पर पत्नी आरती को चाय बनाने के लिए बोले। उस समय बच्चे सो रहे थे। पत्नी कमरे में ही चाय बनाने लगी तो मैंने टोका। इसके बाद, उसने कहा कि ठीक है, आप दातून कीजिए। मैं बाहर निकला तो पत्नी अंदर से कमरे के दरवाजे पर एकल बर्नर वाला गैस चूल्हा लाकर रख दी और चाय बनाने लगी। मैं बाहर दातून कर रहा था। पत्नी ने जैसे ही चूल्हा जलाया, पूरा कमरा आग की चपेट में आ गया। मैं अभी कुछ करने की सोच ही रहा था कि ब्लास्ट हुआ और आंखों के सामने मेरा सबकुछ खत्म हो गया। इसके बाद लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने मुझे संभाला और आग पर काबू पाया। लेकिन, अंदर का नजारा कुछ और था।
शिवशंकर ने बताया कि वह रोज की भांति पावरोटी, टॉपी आदि लाकर बेड पर मौजूद अन्य सामान के साथ रख दिया। रात में खाना खाने के बाद बच्चों के साथ नीचे बिस्तर लगाकर सो गया। पत्नी भी अपना काम-काज निपटा कर सो गई। सुबह में मुझे जल्दी उठना रहता है। मैं रोज की भांति करीब साढ़े चार बजे सोकर उठा। इसके बाद पत्नी से बोला कि चाय बनाओ। मैं दातून कर चाय पीने के बाद स्नान कर पावरोटी बेचने चला जाऊंगा। पत्नी रोज बाहर अर्धनिर्मित कमरे में चाय बनाती थी। शनिवार की सुबह उठने पर मैंने उससे वहीं पर गैस ले जाकर चाय बनाने की बात कही, परंतु उसने मेरी न सुनी। काश! वह मेरी बात मान ली होती तो शायद मेरे बच्चे और वह मेरी आंखों के सामने होती।
पावरोटी बेच परिवार का भरण-पोषण
शिवशंकर गुप्ता पहले अपने पिता के साथ गांव में ही बने मकान में साथ रहते थे। करीब चार वर्ष पहले झोपड़ी और बाद में अर्धनिर्मित मकान पर एस्बेस्टस की छत डालकर पत्नी व बच्चों के साथ रहने लगे। वह गांव-गांव घूमकर पावरोटी बेचकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। रोजाना तीन से चार घंटे घूम कर पावरोटी बेचते थे। इसके बाद घर पर टॉपी, पावरोटी व अन्य छोटी-मोटी खाने की वस्तुओं को रख कर बेचते थे।
19 को बुक कराया था सिलिंडर, 22 को लेकर आया था घर
शिवशंकर प्रसाद गांव के बाहर अर्धनिर्मित मकान के एक कमरे में एस्बेस्टस की छत डालकर दो बेटियों, एक बेटा व पत्नी के साथ रहते थे। खेती-बारी की जमीन नहीं होने के चलते वह पावरोटी बेचते थे। गैस खत्म होने के बाद उन्होंने 19 मार्च को उसकी बुकिंग की और 22 मार्च को सिलिंडर आया। उनका उज्ज्वला योजना के तहत इंडेन गैस कनेक्शन था। फॉरेंसिक टीम की जांच के बाद इंस्पेक्टर भलुअनी ने एक बर्नर वाले चूल्हे को जब्त कर लिया।
एकल बर्नर वाले चूल्हे पर चाय बनाते समय हुई घटना
शिवशंकर प्रसाद के पास गैस के दो चूल्हे थे। दो बर्नर वाले के साथ एक बर्नर वाला भी चूल्हा मौजूद था। अर्धनिर्मित मकान में जगह नहीं होने के चलते उनकी पत्नी एक बर्नर वाले चूल्हे पर ही खाना बनाती थीं। शनिवार की सुबह व एक बर्नर वाले चूल्हे पर चाय बना रही थीं, तब यह घटना घटित हो गई।
डीएम-एसपी से ग्रामीणों ने की रिफिलिंग की शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि लीकेज के कारण गैस सिलिंडर में रिसाव हो रहा था। लोगों के अनुसार रिफिलिंग के लिए सिलिंडरों का ऑपरेशन होने से अक्सर उनमें रिसाव होने जैसी शिकायतें आम बात हैं। लोगों ने डीएम से कहा कि आए दिन क्षेत्र में धड़ल्ले से रिफिलिंग का कार्य हो रहा है। इस पर डीएम ने लोगों से जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।