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Deoria News: शब-ए-बरात इबादत और गुनाहों से तौबा करने की रात

Wed, 04 Feb 2026 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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कब्रिस्तान में इबादत करते लोग श्रोत संवाद - फोटो : बहराइच में भाजपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता करते पदा​धिकारी।
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देवरिया/बघौचघाट। शब-ए-बारात मुस्लिम समुदाय के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक है, जिसे इबादत, तौबा और अल्लाह से मगफिरत की दुआ मांगने की रात माना जाता है।
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इस अवसर पर पथरदेवा क्षेत्र के मेदीपट्टी बेलवनिया मस्जिद के मौलाना बदरुद्दीन ने कहा कि शब-ए-बारात आत्ममंथन और अपने गुनाहों से तौबा करने की विशेष रात है। यह रात इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार शाबान माह की 15वीं तारीख को मनाई जाती है। शाबान का महीना इस्लाम में अत्यंत मुबारक माना गया है, जो रमजान से पूर्व आता है। मौलाना बदरुद्दीन ने बताया कि मान्यता है कि इस रात सच्चे दिल से इबादत करने, गुनाहों की माफी मांगने और नेक इरादे के साथ दुआ करने वालों के गुनाह अल्लाह माफ फरमा देता है।
इसी कारण मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी रात जागकर नमाज अदा करते हैं, कुरआन की तिलावत करते हैं और दुआओं और वजीफों में मशगूल रहते हैं। ‘शब-ए-बारात’ का अर्थ है गुनाहों से बरी होने की रात। इस अवसर पर लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की कब्रों पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं और उनके लिए मगफिरत की दुआ करते हैं।
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