देवरिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से अक्तूबर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है।
विभिन्न दुकानों, डेयरियों और मिठाई प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों में पनीर के सात, दूध के पांच और मिठाई के तीन नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा रिफाइंड तेल, नमकीन, बेसन, दाल और आइसक्रीम के कुछ नमूने भी गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से एकत्र किए गए थे। इन्हें जांच के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा गया था, जहां विस्तृत परीक्षण के बाद रिपोर्ट विभाग को प्राप्त हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ पनीर के नमूनों में फैट और सॉलिड्स-नॉट-फैट का स्तर निर्धारित मानक से काफी कम पाया गया। वहीं दूध के नमूनों में पानी की मिलावट और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी सामने आई। मिठाई के नमूनों में कृत्रिम रंगों का अत्यधिक प्रयोग और मिलावटी सामग्रियों के उपयोग की पुष्टि हुई। रिफाइंड तेल के कुछ नमूने भी मानक के अनुरूप नहीं मिले हैं।
नमकीन और बेसन के नमूनों में भी मिलावटी तत्वों तथा घटिया गुणवत्ता की पुष्टि हुई। आइसक्रीम के नमूनों में कृत्रिम फ्लेवर और अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण के संकेत मिले। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्र ने बताया कि जिन दुकानों और प्रतिष्ठानों के नमूने फेल पाए गए हैं। उनके खिलाफ जल्द ही विधिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित व्यापारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।