देवरिया। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर तीन दिन के भीतर हुए दो बड़े हादसों ने जिले के सात लोगों की जान ले ली। दोनों हादसे भोर में ही हुए। मरने वालों में अधिकतर नौजवान थे। इन हादसों ने जिले के लोगों को झकझोर दिया है।
बता दें कि चार अक्तूबर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सेना के सूबेदार गहिला गांव निवासी सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर घर लाते समय हुए हादसे में सूबेदार के बेटे गौरव, भाई रामसमुझ, चालक जसपाल सिंह और रुद्रपुर नगर के भरटोला वार्ड के सभासद राजन चौधरी की मौत हो गई थी।
अलसुबह हादसे की खबर ने पूरे जिले को शोकाकुल कर दिया था। अगले दिन रुद्रपुर में एक साथ सूबेदार, उनके भाई व बेटे के अलावा सभासद का भी अंतिम संस्कार किया गया। लोग अभी इस हादसे को भूल भी नहीं पाए थे कि बुधवार की सुबह फिर भीषण हादसा हो गया।
इस बार सलेमपुर तहसील क्षेत्र के मईल थाना क्षेत्र के बलिया उत्तर गांव निवासी इरफान उर्फ राज (24) व बगहा गांव निवासी नित्यानंद प्रजापति (26) और लार थाना क्षेत्र के चुरिया गांव निवासी अनिकेत सिंह (25) व कोहरा गांव निवासी आनंद यादव (26) की मौत हो गई। इन चारों युवकों का गांव 15 किलोमीटर के दायरे में है। चार गांवों से एक-एक युवकों की मौत ने फिर पूरे इलाके को झकझोर दिया है।