देवरिया। सर्वर व नेटवर्क की दिक्कत के चलते फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। दिन में किसान फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए जनसेवा केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सर्वर डाउन होने के चलते दिन में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रही है। जनसेवा केंद्र संचालक किसान का आधार कार्ड व खतौनी रखकर सुबह भोर में ओटीपी मांग रहे हैं, जबकि कुछ साइट पर नाम अपडेट न होने और खतौनी में अंश निर्धारण को लेकर दिक्कत आ रही है। अब तक करीब पंद्रह प्रतिशत ही काम हो सका है। हालांकि प्रशासन कार्य को तेजी से करने में लगा है।
शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है, लेकिन तकनीकी दिक्कत से कार्य प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं आधार कार्ड में जरूरी संशोधन, मोबाइल नंबर फीडिंग, खतौनी व आधार के नामों में अंतर आदि दिक्कतों की वजह से भी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही हैं। फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों की भूमि को आधार से लिंक कर उसकी एक आईडी बनाई जा रही है, जिससे किसानों की एक यूनिक आईडी होगी। इससे उन्हें विभिन्न विभागों की योजनाओं, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों के विपणन के लाभ के लिए प्रयोग कर लाभ लिया जा सकेगा। साथ ही किसानों का ब्योरा तैयार हो सकेगा।
सरकार की योजना को लेकर प्रशासन सक्रिय है। फार्मर रजिस्ट्री सभी किसानों का बनना है, लेकिन पीएम सम्मान निधि का लाभ पाने वालों का जरूरी है। जिले में 4 लाख 44 हजार किसानों का फार्मर रजिस्ट्री होना है। इसमें अब तक केवल एक लाख 3 हजार किसानों का फार्मर रजिस्ट्री हो सका है। साइट पर नाम अपडेट नहीं होने और खतौनी में अंश निर्धारण को लेकर दिक्कत आ रही है। इससे किसान परेशान हैं। सर्वर व नेटवर्क दिक्कत के चलते फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसान जनसेवा केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन नेटवर्क सर्वर डाउन के चलते दिन में फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रही है।
अंश निर्धारण के लिए चक्कर काट रहे किसान : फार्मर रजिस्ट्री में किसानों के आधार से उनकी भूमि को जोड़ा जा रहा है। लाभ से वंचित होने और सुविधाओं को लेकर फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़ उमड़ रही है, खराब सर्वर के कारण अधिकांश लोग फार्मर रजिस्ट्री कराने से वंचित हैं।
यह होगा लाभ : फार्मर रजिस्ट्री से किसान क्रेडिट कार्ड, केसीसी, फसल बीमा, कृषि व उद्यान विभाग से बीज, कृषि यंत्र, प्रशिक्षण, दैवीय आपदा, बाढ़ सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।