रुद्रपुर। क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान नौ गांवों में तैनात आशा कार्यकर्ताओं के निष्क्रिय पाए जाने का मामला सामने आया है। समीक्षा में पाया गया कि संबंधित आशाओं ने अप्रैल से अगस्त तक एक भी प्रसव नहीं कराया। अधीक्षक डॉ. बृजवासी सिंह ने संबंधित आशा चयन समितियों के अध्यक्ष ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर निष्क्रिय आशाओं का चयन निरस्त करने और उनके स्थान पर नई आशा कार्यकर्ता का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
अधीक्षक ने बताया कि प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को एक हजार की आबादी पर प्रतिमाह तीन प्रसव कराने चाहिए। इस मानक के अनुसार पांच माह में एक आशा कार्यकर्ता को कम से कम 15 प्रसव कराने थे। समीक्षा में संबंधित आशाओं की ओर से निर्धारित दायित्वों का अपेक्षित रूप से निर्वहन नहीं किया जाना पाया गया।
जगरनाथपुर,खोरमा, नगवा, कोरवा, हौली बलिया, मदनपुर, गोविंदपुर, और डाला गांव में तैनात आशा निष्क्रिय पाई गई। अधीक्षक ने आशा चयन समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधानों से कहा है कि निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं के चयन को नियमानुसार निरस्त करते हुए उनके स्थान पर नई आशा कार्यकर्ता के चयन की प्रक्रिया पूरी की जाए। पत्र की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवरिया और क्षेत्रीय नोडल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।