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Deoria News: मोटी कमाई के लिए मिलावटी पनीर का धंधा, सेहत को नुकसान पहुंचा रहे धंधेबाज

Sun, 13 Jul 2025 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। खाद्य विभाग की सक्रियता के बावजूद धंधेबाज बाजार में मिलावटी पनीर बिक्री करने से चूक नहीं रहे हैं। वह मिलावटी दूध की मदद से इसे तैयार कर बाजार में उतार दे रहे हैं। पनीर बनाने के लिए पाउडर वाले दूध के साथ सोयाबीन के बीज को पीसकर मिलाया जा रहा है।
ऐसे में सेहत को लेकर खुद न सावधान हुए तो बीमार पड़ने से कोई रोक नहीं सकता। जिले में वर्तमान में 10 लाख लीटर से अधिक दूध की खपत है। डेयरी से आने वाले पैकेट बंद दूध से भी लोगों की जरुरत पूरी हो रही है।
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इधर नकली व मिलावटी दूध, दुग्ध उत्पादों के उत्पादन और बिक्री के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश स्तर पर इसके खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दिया है।
अभियान के तहत विभाग के अलावा इसमें पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम को भी शामिल रखने को कहा गया है, जो नकली व ऐसे उत्पादों के धंधेबाजों पर कार्रवाई करेगी। पिछले साल चलाए गए अभियान में खोआ की मिठाई के 90 में से दो नमूने फेल मिले थे।
इस साल होली समेत शादी विवाह के दिनों में भी अधिकारियों ने दुकानों से नमूने लेने का कार्य किया। विभागीय जानकार ही बताते हैं कि होली व दीपावली के दौरान चलाए गए अभियान की रिपोर्ट मानक के अनुरुप नहीं है। पनीर के अधिकतर मामलों में फैट मिला ही नहीं है, जबकि उच्च श्रेणी के पनीर में 50 प्रतिशत, मध्यम में 30 से 50 प्रतिशत, सामान्य श्रेणी में भी 18 से 20 प्रतिशत फैट होना जरुरी है।
इधर लग्न नहीं होने से धंधेबाजों को ज्यादातर माल लोकल स्तर पर ही मिल जा रहा है, जबकि लग्न के दिनों में मऊ, गाजीपुर के अलावा पिपराइच से भी मिलावटी पनीर मंगाकर बढ़ी मांग को पूरा किया जाता है । शहर के मोहन रोड, सीसी रोड, हनुमान मंदिर रोड आदि जगहों पर कई निर्माण इकाईयां हैं जहां पनीर व खोआ तैयार किए जाते हैं।
उधर मोहन रोड के थोक दुकानदारों के यहां से हर दिन 10 लाख रुपये से अधिक के मिल्क पाउडर की बिक्री होने से पनीर की शुद्धता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
सहालग में बढ़ जाती है मांग, मुनाफाखोर उठाते हैं उस दौरान फायदा : शहर हो या देहात क्षेत्र की शादियां, अब हर जगह पनीर के सब्जी की मांग सब करते हैं। एकाएक मांग बढ़ जाने का फायदा धंधेबाजों को होता है। वह मऊ-गाजीपुर से ऐसे पनीर की खेप मंगा देते हैं।
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किसी छोटे से समारोह में भी पनीर की अधिक जरुरत है तो आप डिमांड केवल करिए, दुकानदार तीन से चार घंटे में इसे तैयार करा देते हैं । शहर में ही केवल छोटी-बड़ी 200 से अधिक मिठाई की दुकानें हैं, हर जगह ट्रे या भगौने में पानी में रखा हुआ पनीर दिख जाएगा।
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