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जिले में शुरू हुई टीबी मरीजों की खोज

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जिले में शुरू हुई टीबी मरीजों की खोज
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देवरिया। स्वास्थ्य विभाग क्षय रोग को लेकर गंभीर है। टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के तहत टीबी मरीजों की तलाश शनिवार से शुरू हो गई। तीन चरणों में जनपद की 20 प्रतिशत आबादी में चलने वाले अभियान में टीमें संस्थाओं, शहरी व ग्रामीण मलिन बस्तियों में जाकर रोगियों को चिह्नित करेगी। इसके बाद उनकी दवा शुरू होगी और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। अभियान में मरीज की शुगर, कोविड-19, एचआईवी की जांच भी कराई जाएगी।
सरकार ने क्षय रोग उन्मूलन का 2025 तक का लक्ष्य रखा है। इसके लिए शासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। कोरोना के कारण टीबी मरीजों को चिह्नित करने का कार्य प्रभावित हो गया था। अब अधिक से अधिक क्षय रोगियों को चिह्नित कर इलाज करने की कवायद की जा रही है। टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान जिले में तीन चरणों में 25 जनवरी तक चलेगा। इसमें लोगों के पास जाकर टीम बीमारी का लक्षण बताएगी और मरीजों को चिह्नित करेगी। रोग की पुष्टि होने पर इलाज व दवा शुरू किया जाएगा। डीएम अमित किशोर के निर्देशन व सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय की देेखरेख में अभियान शुरू हुआ है।
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पहला चरण 26 दिसंबर से शुरू होकर एक जनवरी तक चलेगा। इसमें क्षय रोग व कोविड की डिवेल स्क्रीनिंग की जा रही है। क्षय रोग विभाग व आईडीएसपी की संयुक्त टीम नवोयद विद्यालय, नारी निकेतन, मदरसों, बाल संरक्षण गृह, जेल में जाकर स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। संभावित रोगी की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद मरीज की दवा शुरू होगी। साथ ही सांस रोग से ग्रसित लोगों की पीपी किट पहनकर जांच की जाएगी और सैंपल सीएमओ कार्यालय की ओर से निर्धारित स्थान पर भेजा जाएगा।
दूसरे चरण में दो से 12 जनवरी तक सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान जनपद की पूरी आबादी के 20 प्रतिशत जनसंख्या पर चलेगा। इसमें शहरी व ग्रामीण मलिन बस्तियों तथा अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्र में टीम जाएगी, जिसमें आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व कम्यूनिटी वॉलींटियर शामिल होंगे। लोगों से मिलकर टीम के सदस्य उन्हें क्षय रोग के लक्षण के बारे में बताएंगे और लक्षण मिलने पर सैंपल लेकर जांच के लिए समीप के केंद्र पर भेजेंगे। जांच रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद इलाज शुरू हो जाएगा।
तीसरे चरण का अभियान 13 से 25 जनवरी तक चलेगा। इसमें टीबी एवं जीत (जेईईटी) के कर्मचारी संयुक्त टीम जनपद के निजी चिकित्सक, चिकित्सालयों, निजी प्रयोगशालाओं, निजी केमिस्ट के यहां जाकर संपर्क करेगी और कार्यक्रम के निर्देशानुसार संवेदीकरण करके क्षय रोगी की सूचना प्राप्त करेगी। जो रोगी दवा, इलाज करा रहे हैं उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
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टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान 25 जनवरी तक तीन चरणों में चलेगा। इसकी कार्ययोजना बना ली गई है। अभियान में टीबी के सक्रिय लोगों की तलाश की जा रही है। मरीजों को चिह्नित कर इलाज व दवा शुरू की जाएगी। इसके साथ उन्हें पौष्टिक आहार के लिए पांच सौ रुपये दिए जाएंगे। सरकार टीबी को लेकर गंभीर है।
डॉ. वी झा, जिला क्षय रोग अधिकारी
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