साइंस सिटी दिल्ली में होगा मनीष की बनाई छड़ी का प्रदर्शन
भीड़ भाड़ वाले रास्तों पर चलने में मिलेगी सहूलियत, दुर्घटना से भी होगा बचाव
सलेमपुर तहसील के बाल वैज्ञानिक को सम्मानित कर चुके हैं बेसिक शिक्षा मंत्री
करन यादव
मेहरौनाघाट (देवरिया)। सलेमपुर तहसील के बाल वैज्ञानिक मनीष पटेल ने लॉकडाउन में दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए ऐसी अलार्म वाली छड़ी बनाई है जिसके सहारे भीड़ वाले रास्तों पर भी आसानी से चला जा सकता है। जैसे ही कोई चीज दृष्टिहीन के दो मीटर करीब आएगी, छड़ी में लगा अलार्म बजने लगेगा। इससे वह सतर्क हो जाएंगे। यह छड़ी दुर्घटना से भी बचाव करेगी।
लार ब्लॉक के उकीना गांव निवासी रवींद्र पटेल का पुत्र मनीष पटेल गोरखपुर के एबीसी पब्लिक स्कूल में कक्षा 11 का छात्र है। वह इसके पहले भी अनेकों प्रयोग कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका है। उसकी बनाई गई छड़ी का 28 जुलाई को साइंस सिटी दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए बाल वैज्ञानिक को न्यौता भी मिल चुका है। मनीष पटेल का सपना वैज्ञानिक बनना है। यही वजह है कि वह हर वक्त अलग-अलग खोज करने में लगा रहता है। दो माह पहले उसने घर में पड़े प्लास्टिक के फालतू सामान से स्टेथे स्कोप बनाकर जब हृदय की चाल को मापना शुरू किया तो गोरखपुर की कई संस्थाओं ने उसे प्रोत्साहित किया था। मनीष को सितंबर 2019 में लखनऊ में प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सतीशचंद्र द्विवेदी सम्मानित कर चुके हैं। उसे गोरखपुर महोत्सव समेत कई मंचों पर भी सम्मानित किया जा चुका है।
बकौल मनीष उसने दृष्टिहीन लोगों के लिए विशेष छड़ी बनाई है ताकि आम लोगों की तरह वे भी चल सकें। इस छड़ी को लेकर दृष्टिहीन लोग भीड़ वाली जगहों से बिना जोखिम उठाए आसानी से निकल सकते हैं। जैसे ही कोई शख्स या गाड़ी दो मीटर की दूरी पर पहुंचेगी तो छड़ी में लगा अलार्म बज उठेगा। इससे वह सतर्क हो जाएंगे।