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रिश्वत मांगने के आरोपी वार्ड ब्वाय का ड्यूटी स्थल बदला

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मासूम द्वारा स्ट्रेचर खींचने का मामला : जांच में स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय और सफाईकर्मी मिले दोषी
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला अस्पताल में 30 रुपये न देने पर मासूम द्वारा स्ट्रेचर खींचने का वीडियो वायरल होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोविड - 19 संक्रमण के नाम पर कार्रवाई से कतरा रहे हैं। सदर एसडीएम और एसीएमओ की जांच स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय और सफाईकर्मी दोषी पाए गए हैं।
बरहज के गौरा गांव निवासी छेदीलाल यादव तीन जुलाई से जिला अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती हैं। इनकी देखरेख के लिए बेटी बिंदु और छह वर्ष का पोता साथ में है। बिंदु का आरोप था कि वार्ड में ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय छोटेलाल ड्रेसिंग रूम में स्ट्रेचर से पट्टी बदलवाने के लिए ले जाता था। इसके एवज में वह 30 रुपये लेता था। न देने पर उसने ड्रेसिंग कराने से मना कर दिया। मजबूरी में छह वर्षीय मासूम और इसकी मां बिंदु को स्ट्रेचर खींचना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल होने के बाद जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया। डीएम के निर्देश पर सदर एसडीएम दिनेश मिश्र और एसीएमओ डॉ. सुुरेंद्र सिंह ने जांच की। जांच में दोषी मिलने पर वार्ड ब्वाय छोटेलाल की ड्यूटी वार्ड से बदलकर कोविड-19 सैंपल कलेक्शन सेंटर में लगा दी गई है। वहीं दोषी पाई गई स्टाफ नर्स और सफाईकर्मी पर फिलहाल कार्रवाई नहीं हुई है।
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एसडीएम की माने तो स्ट्रेचर लेने के दौरान मरीज स्टाफ नर्स से संपर्क करते हैं। यह लापरवाही है कि वार्ड में ड्रेसिंग नहीं हो रही। सदर एसडीएम दिनेश मिश्र ने बताया कि रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। कार्रवाई उनके स्तर से होगी है। इसमें तीन कर्मचारी दोषी मिले हैं।
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प्रथम दृष्टया वार्ड ब्वाय दोषी मिला है। उसकी ड्यूटी बदल दी गई है। स्टाफ नर्स को भी हिदायत दी गई है। कोविड-19 के दौर में किसी को हटाना उचित नहीं है। ऐसे में वार्ड ब्वाय से दूसरे स्थान पर काम लिया जा रहा है।
- डॉ. छोटेलाल सीएमएस
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