चार गांवों में 24 लाख का बता बता दिया घोटाला!
सोशल ऑडिट टीम का खेल, सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ की जांच में नहीं मिली कोई कमी, आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सोशल ऑडिट टीम द्वारा लार विकास खंड के चार गांवों में 24 लाख आठ हजार 550 रुपये की गड़बड़ी बताकर वेबसाइट पर गलत अंकन करा दिया गया। अब वेबसाइट पर गलत अंकन को सही कराए जाने के लिए मनरेगा के अधिकारी परेशान हैं। शासन को इसके लिए डीडीओ ने पत्र लिखा है। वैसे यह कमी शासन से नहीं बल्कि भारत सरकार के स्तर से सुधार हो पाएगी। सोशल ऑडिट टीम की कारगुजारियों का खामियाजा चार गांवों के सचिवों को भुगतना पड़ सकता था। समय रहते अगर मामला पकड़ में नहीं आया होता तो कई ग्राम पंचायत अधिकारी न केवल जेल जाते बल्कि उन्हें नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता था।
जनवरी वर्ष 2020 में सोशल ऑडिट टीम ने जिले के कई विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में मनरेगा से हुए कार्यों का सोशल ऑडिट वर्ष 2018- 19 का शुरू किया। उस दौरान पंचायतों से वसूली की शिकायत सीडीओ को मिली तो उन्होंने अपना सीयूजी नंबर जारी कर ग्राम प्रधानों से किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देने एवं शिकायत करने के निर्देश दिए थे। जो भी हो सोशल ऑडिट टीम ने लार विकास खंड की ग्राम पंचायत अजना में खड़ंजा कार्य 1,98,240 रुपये का व्यय नहीं होने, भरौली में खड़ंजा पर 2,16,825, बकरी आश्रय निर्माण कार्य, आदि परियोजनाओं पर धन व्यय नहीं की रिपोर्ट भेज दी। इसके अलावा ग्राम पंचायत दोगारी मिश्र में खड़ंजा कार्य 2,29,215 रुपये, टयूबवेल पर खड़ंजा कार्य 1,79,655 रुपये, खड़ंजा कार्य 2,41,605, इसके अलावा, खरवनिया में खड़ंजा कार्य पर 5,44,300 रुपये व्यय नहीं होने की रिपोर्ट वेबसाइट पर लोड कर दी। वेबसाइट पर घोटाले का मामला अपलोड होते ही विकास विभाग में हंगामा खड़ा हो गया। सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ लार ने सत्यापन का कार्य शुरू किया तो इन परियोजनाओं पर किसी तरह का कोई भुगतान नहीं किये जाने का मामला सामने आने पर जिला विकास अधिकारी को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। अब सुधार के लिए डीडीओ ने शासन में पत्र लिखा है।
बर्खास्त करने एवं केस दर्ज कराने का है शासनादेश
मनरेगा के तहत सोशल ऑडिट में अगर किसी भी ग्राम पंचायत में कोई गड़बड़ी का मामला सामने आता है तो वेबसाइट पर अपलोड होते ही ग्राम पंचायत सचिव को बर्खास्त करने उसके खिलाफ केस दर्ज कराने एवं धन की वसूली करने के स्पष्ट निर्देश हैं। सोशल ऑडिट टीम की रिपोर्ट पर विश्वास कर अगर अधिकारी कार्रवाई की गई होती तो पूरे जिले में उनकी किरकिरी न केवल होती बल्कि बिना घोटाला किए ही सचिवों को जेल की हवा खानी पड़ती। लेकिन सीडीओ शिवशरणप्पा की सूझबूझ से विभाग की साख बच गई और सच्चाई का खुलासा हो गया।
यह भेजी गई है रिपोर्ट
सोशल ऑडिट टीम ने ग्राम पंचायत अजना में अनिल भगत के घर से रघुनाथ के घर खड़ंजा कार्य, भरौली रामसेवक के घर से रामदास के घर तक खड़ंजा, भरौली में जितेंद्र पुत्र वीरेंद्र, मंगनी पत्नी कविलास, शीला पत्नी मानिक, योगेन्द्र दुबे, चिरईया पत्नी रामप्रवेश, प्रदीप पुत्र रामनगीना, शोभा पत्नी रामाश्रय, गोपी पुत्र रामदेनी, परमानंद पुत्र होरिल, बालेश्वर पुत्र घुरहू का बकरी आश्रय निर्माण कार्य पर धनराशि व्यय करने खरवनिया नवीन में झुन्नी साहनी के घर से डीह बाबा स्थान तक खड़ंजा कार्य और दोगारी मिश्र में पीएम सड़क से जगदीश के घोटा से खड़ंजा कार्य, घोटा से टयूबवेल तक खड़ंजा कार्य, छठ घाट तक खड़ंजा कार्य बिना कार्य कराए भुगतान करने की रिपोर्ट भेजी है।
कोट:
विकास खंड लार में सोशल ऑडिट की वेबसाइट पर गलत अंकन को सही कराने के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। सोशल ऑडिट टीम के स्तर से गलती हुई है। इसे सुधारे जाने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित को लिखा जाएगा।
-श्रीकृष्ण पांडेय, जिला विकास अधिकारी।