संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में सैलाब उमड़ आया है, जिससे नदी उफान पर है। पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में नरमी आई है। नदी घटने लगी है। हालांकि राप्ती के जलस्तर में अभी भी तेजी नोट की जा रही है।
नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से कटइलवा-कपरवार संगम तट और दियारा के मोहन सेतु के दक्षिणी छोर पर कटान हो रहा है।
सरयू के पीछे हटने से लोगों ने राहत महसूस की है। मानसून के दस्तक देने और नेपाल के पानी छोड़ने के बाद जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हुई है। पिछले दिनों नदी मीटर गेज के करीब से बहने लगी है। 48 घंटे पूर्व नदी प्रति घंटे दो सेमी बढ़त बना रही थी। शनिवार को जलस्तर में स्थिरता देखी गई।
रविवार को जलस्तर में पांच सेमी की कमी दर्ज की गई है। नदी के उफनाने से मोहन सेतु के दक्षिणी छोर के आखिरी पाये के निकट सरयू बेतहाशा कटान कर रही है, जिससे कृषि भूमि को नुकसान हो रहा है। वहीं कटइलवा-कपरवार नवीन बांध पर नदी दबाव बना रही है।
जवाहिर यादव, मंजनाथ, ज्ञानेश्वर सिंह, अखिलेश सिंह, मदन मिश्र आदि का कहना है कि सरयू के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। अन्य प्रांतों में आई बाढ़ को देखते हुए बाढ़ जैसी स्थिति का डर सता रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से किया जा रहा इंतजाम नाकाफी है, जिससे 1998 का मंजर याद आने लग रहा है।
जेई शुभम गुप्त ने बताया कि नदी के जलस्तर में नरमी नोट की गई है। नेपाल की ओर से कुछ बैराजों से