संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर यहां की नदियों पर दिखने लगा है। इससे भागलपुर में सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। हालांकि, नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार, दो दिन तक तटवर्ती लोगों की नींद उड़ाने वाली सरयू नदी में पिछले 30 घंटे से पानी कम हो रहा है। नदी दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घटते हुए रविवार की दोपहर दो बजे 62.10 मीटर पर पहुंच चुकी है, जो खतरे के निशान से 2.20 मीटर नीचे है।
भागलपुर, मईल मार्ग और पहले के वर्षाें में निर्माणाधीन पांच स्पर बंधे बाढ़ के समय दर्जनों गांवों की सुरक्षा का कार्य करते हैं। इसके कटान से बचाव के लिए बाढ़ विभाग की ओर से 11 करोड़ रुपये की लागत से 650 मीटर लांचिंग पिचिंग का कार्य चल रहा है।
शासन के आदेश के अनुसार 25 जून तक मानसून से पहले हर हाल में कटान रोधी कार्य पूर्ण कर लिया जाना था। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने भी हफ्ते दिन पहले कटान रोधी कार्य का निरीक्षण किया था और बाढ़ विभाग के अधिकारियों को समय सीमा के अंदर हर हाल में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया था।
लेकिन समय सीमा के दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी कटान रोधी कार्य पूरा नहीं हो सका है। एक परियोजना जो देवसिया गांव के दक्षिण स्पर बंधे के पास पार्कों पाईन डालने का प्रोजेक्ट था वह पूर्ण कर लिया गया है।
दूसरी परियोजना भागलपुर से छित्तूपुर तक 650 मीटर का कार्य आज तक पूर्ण नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों सहित दर्जनों गांवों के लोगों को कटान का खतरा सताने लगा है। क्षेत्रीय लोग विध्यांचल यादव, नाथू यादव, जितेंद्र सिंह, मणि यादव, उपेंद्र यादव, राकेश सिंह आदि ने विभाग के लोगों से जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने की मांग की है।
बाढ़ विभाग के जेई विवेक कुमार ने बताया कि नीचे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मजदूरों को बढ़ा कर ऊपर कार्य चल रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से भी कार्य में बाधा नहीं आएगी। जल्द कार्य पूरा कर लिया जाएगा।