भागलपुर। सरयू का तेवर धीरे-धीरे तबाही मचाने का ताना-बाना तैयार कर रही है। पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते नदी के जलस्तर में वृद्धि बुधवार को भी जारी रही।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में सात सेमी की वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्तीय इलाकों के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग ने आगे भी जलस्तर में वृद्धि की चेतावनी जारी की है।
मंगलवार की शाम चार बजे तुर्तीपार में जलस्तर 63 मीटर 54 सेमी दर्ज किया गया था। बुधवार की शाम सरयू का जलस्तर तुर्तीपार गेज पर 63 मीटर 61 सेमी रिकाॅर्ड किया गया। नदी खतरे के निशान 64 मीटर 10 सेमी से 49 सेमी नीचे है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी के तेवर देखकर ऐसा लगने लगा है कि आने वाले दिनों में स्थिति और विकराल हो सकती है। सरयू के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बाढ़ खंड ने तटबंध को मजबूत बनाने के लिए भागलपुर-मईल मार्ग बंधे और स्पर बंधों पर बने जंगली जानवरों के बिल को बंद कराना शुरू कर दिया है। देवसिया और छित्तूपुर गांवों के बीच हो रहे कटान को रोकने के लिए बांस-बल्ली और झाड़-झंखाड़ भरकर कटान पर काबू पा लिया है।
तहसील प्रशासन ने पूर्व के सालों में बनाए गए बाढ़ राहत चौकी बीजीएम इंटर कॉलेज भागलपुर, जूनियर हाईस्कूल मईल, इंटर कॉलेज तेलियां कला, प्राथमिक विद्यालय बढ़ौना को बाढ़ राहत चौकी बनाकर तहसील कर्मचारियों को मौजूद रहने को कहा है।