बरहज। सरयू और राप्ती के जलस्तर में शनिवार को कमी दर्ज की गई। बावजूद इसके परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन मजरों के अलावा भदिला प्रथम गांव के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है।
सरयू कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु के पास गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव में लोगों के घरों तक पहुंच गई है। पां सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर पांच सेमी, जबकि राप्ती 67.75 मीटर पर बहने लगी थी। शनिवार की शाम सरयू और राप्ती के जलस्तर में पांच-पांच सेमी की कमी दर्ज की गई। फिलहाल दोनों नदियां स्थिर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सरयू और राप्ती के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि होने से भदिला प्रथम गांव करीब डेढ़ माह से टापू बना हुआ है। विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, चौहान बस्ती, लोहार टोला, जरलहवा, पुरानी और नई अनुसूचित जाति बस्ती, पश्चिम टोला के अलावा एक दर्जन मजरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कोलखास गांव में सरयू का पानी लोगों के घरों तक पहुंच जाने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
रमाशंकर यादव, मंजनाथ, तड़पू, गरजू, विनय आदि का कहना है कि सुबह से दोनों नदियों के जलस्तर में नरमी देखी जा रही है। वहीं पुराने-नये तटबंधों पर बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ गया है।