बरहज सरयू नदी पार दियारा में कटान कर रही नदी
बरहज। सरयू और राप्ती नदी के जलस्तर में ऊफान आ गया है। बरहज में सरयू खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर पहुंच गई है। सरयू के उफनाने से विशुनपुर देवार के पांच मजरे लहिया, कत्लहवा टोला, पुरानी अनुसूचित जाति बस्ती, लोहार, बांके टोला बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। वहीं राप्ती के पानी से घिरा होने के कारण भदिला प्रथम गांव की स्थिति और गंभीर हो गई है। दोनों नदियों के उफनाने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के कारण पिछले तीन दिनों से सरयू लगातार बढ़त बना रही है। इससे जलस्तर में उछाल आ गया है। सरयू खतरे के निशान 66.50 से 90 सेमी ऊपर 67.40, जबकि राप्ती पांच सेमी की बढ़त बनाते हुए 67.85 मीटर पर बह रही है। बुधवार की देर रात विशुनपुर देवार के पांच मजरे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गांव के लोगों की आवाजाही नाव से होने लगी है।
परसियां- विशुनपुर देवार के ओमप्रकाश यादव, छोटेलाल, संजय यादव, मंजनाथ आदि का कहना है कि पूर्व में नदियों के पीछे हटने से कुछ राहत मिली थी मगर चौथी बार नदी बढ़त बनाने लगी है। इससे बाढ़ का भय सताने लगा है। बाढ़ का पानी परसिया देवार के पीडब्लयूडी बांध के अलावा कटइलवा-कपरवार संगम तट, उग्रसेन सेतु से बिनोवापुरी, महेन, मोहरा तटबंध पर राप्ती के बाढ़ का पानी दबाव बनाने लगा है। बंधों पर नदियों के बढ़ते दबाव को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों को 1998 का मंजर याद आने लगा है। दोनों नदियों के जलस्तर में उछाल से प्रशासनिक अमले की नींद उड़ गई है।...
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बाढ़ चौकियों पर नही दिखे राजस्व कर्मी
प्रशासन की ओर से तहसील में कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए 24 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। लोगों का कहना है कि बाढ़ चौकियों पर तैनात किए गए राजस्व विभाग के कर्मचारी ड्यूटी नहीं दे रहे हैं।
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कोट -
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे राप्ती भी उफान पर है। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। बांधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
उपेंद्र कुमार सहायक अभियंता, बाढ़ खंड