भागलपुर। तुर्तीपार गेज पर सरयू नदी ने बुधवार को चेतावनी बिंदु पार कर तटवर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। नदी अब तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है।
इस साल पहली बार उग्र हो रही सरयू के तेवर से तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं। प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। सरयू का जलस्तर केंद्रीय जल आयोग के तुर्तीपार गेज पर बुधवार की शाम 63 मीटर 30 सेंटीमीटर रिकाॅर्ड किया गया।
तेज बढ़ाव के साथ नदी का जलस्तर यहां चेतावनी बिंदु 63 मीटर 10 सेमी से 20 सेमी ऊपर पहुंच गया। नदी अब खतरे के निशान 64 मीटर 10 सेमी से 80 सेमी नीचे बह रही है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 70 सेमी की वृद्धि हुई है।
क्षेत्रीय ग्रामीण बृजभूषण यादव, रोशन यादव, कृष्णमोहन निषाद, अनिल निषाद, पूनम बर्नवाल आदि का कहना है कि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो तबाही मचना तय है।
उधर बाढ़ के मद्देनजर क्षेत्र के नाव और नाविकों की सूची तैयार की जा रही है। पुलिस ने बुधवार को दो दर्जन नावों और उनके चालकों का पता नोट किया और नावों पर पेंट से नंबर दर्ज कराया।
नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ छित्तूपुर और देवसिया गांवों के बीच कटान भी शुरू हो गई है। दशकों से नदी किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि काटते हुए भागलपुर, छित्तूपुर, देवसिया गांवों के पास पहुंच गई है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि पानी कम होते ही कटानरोधी कार्य कराए जाएंगे।