भदिला प्रथम गांव में नाव से जाते ग्रामीण। संवाद
भागलपुर। नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी एक हफ्ते से उफान पर थी, लेकिन रविवार सुबह से नदी का जलस्तर घटने लगा। नदी के जलस्तर में शाम चार बजे 10 सेमी की कमी दर्ज की गई, हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान से 34 सेमी ऊपर बह रही है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों को राहत तो मिली है लेकिन दहशत बरकरार है।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर रविवार सुबह तुर्तीपार रेगुलेटर पर स्थिर होने के बाद धीरे-धीरे कम होने लगा, दोपहर से नदी में एक सेमी प्रति घंटे की कमी आने लगी। शाम चार बजे तक 10 सेमी की कमी दर्ज हुई।
शनिवार शाम चार बजे जलस्तर 65-54 मीटर दर्ज़ किया गया था। नदी घटकर रविवार शाम को चार बजे जलस्तर 65-44 मीटर दर्ज किया गया। नदी अब भी मीटर पर अंकित खतरा निशान 64-10 मीटर से 34 सेमी ऊपर बह रही है।
हफ्ते दिन से अपने वेग से तटवर्तियों की नींद उड़ाने वाली सरयू नदी के घटने से तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन नदी की धारा अब भी भागलपुर-मईल मार्ग को बचाने के लिए बने छित्तूपुर, देवसिया गांव के सामने बने स्पर बन्धों पर प्रहार कर रही है। तटवर्ती गांवों देवसिया और नरियांव के बाहरी इलाके में अब भी दो से तीन फिट पानी भरा है।