-एक सेमी ऊपर बह रही नदी, देवसिया के स्पर बंधे पर बना होल, लगातार हो रही बारिश से 24 घंटे में जलस्तर में हुई वृद्धि
- तटवर्ती रहने वाले लोगों को सताने लगी बाढ़ की चिंता
- पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश और एल्गिन ब्रिज के अपस्ट्रीम से पानी छोड़े जाने के चलते जलस्तर में वृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश से सरयू के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। 24 घंटे में नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदू के निशान को पार कर गया है। महज कुछ सेमी ही खतरे के निशान को छूने के लिए नदी का जलस्तर बेकरार है। अगर लगातार बारिश होती रही तो जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाएगा।
इधर चेतावनी बिंदु के जलस्तर को पार करते ही नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। नदी तुर्तीपार रेगुलेटर पर चेतावनी बिंदु पार कर चुकी है, और खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। रविवार की दोपहर तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 63 मीटर 11 सेमी दर्ज किया गया, जो चेतावनी लेवल 63 मीटर 10 सेमी से एक सेमी ऊपर है।
तुर्तीपार रेगुलेटर पर खतरा निशान 64 मीटर 30 सेमी अंकित है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के कर्मचारियों के अनुसार नदी के जलस्तर में शनिवार दोपहर से 7 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी शुरू हो गई, जिससे निचले इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। इधर रविवार की सुबह से नदी में दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों की तरफ तेजी से फैल रहा है। फिलहाल नदी रेगुलेटर पर अंकित खतरे के निशान से एक मीटर 19 सेमी नीचे है। नदी के तटवर्ती इलाकों के गांवों भागलपुर, छित्तूपुर, देवसिया, बलिया, नरियांव, मईल, तेलिया कला के लोगों का मानना है कि अगर नदी का जलस्तर ईसी तरह बढ़ता रहा तो तबाही मचना तय है।
केंद्रीय जल आयोग के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश और एल्गिन ब्रिज के अपस्ट्रीम से पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जल स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कर्मचारियों को गेज मीटर पर निगरानी रखने को कहा गया है। इसकी सूचना मुख्य कार्यालय को दी जा रही है।
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कई करोड़ खर्च होने के बाद भी नहीं मिली कटान से स्थाई निजात
चार माह में लगभग 20 करोड़ का कटान रोधी कार्य हुआ है पूरा
भागलपुर। भागलपुर-मईल मार्ग और गांवों कटान से बचाने के लिए पूर्व में हुए कटान रोकने के लिए स्पर बंधे के पास नदी का पानी बढ़ने के साथ ही कटान भी शुरू हो गई है। स्पर बंधे पर शाही होल और चूहा होल बारिश के बाद होल बढ़ता जा रहा है। विभाग की लापरवाही के चलते आज तक इसका मरम्मत नहीं किया जा सका है। स्पर बांध के पास कटान करती नदी सड़क से 50 मी दूरी तक पहुंच गई है। अगर अभी से कटान की रोकथाम नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं कि भागलपुर मईल मार्ग और स्पर बंधा कटान से नहीं बच पायेंगे। जिससे दो दर्जन से अधिक गांवों को बाढ़ से तबाही झेलनी पड़ेगी।
बाढ़ विभाग के अवर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि स्पर के पास हो रहे कटान वाली जगह की फोटो शासन में भेजी गई है। धन स्वीकृत होते ही कटान रोकने का कार्य जल्द कराया जाएगा, निगरानी रखी जा रही है।