संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/भागलपुर। सरयू नदी अब रौद्र रूप दिखाने लगी है। जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। मंगलवार की सुबह आठ बजे तुर्तीपार हेड मीटर पर जलस्तर 63.46 मीटर रिकॉर्ड किया, जो खतरे के निशान 64.10 मीटर से सिर्फ 55 सेंटीमीटर नीचे है।
नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 11 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ते ही भागलपुर ब्लॉक क्षेत्र के छित्तूपुर और देवसिया गांव में कटान तेज हो गया है। इससे तटवर्ती गांव के लोगों में दहशत है। बाढ़ विभाग एक दशक में 40 करोड़ रुपये से अधिक से कटानरोधी काम कराए हैं। बावजूद इसके स्थायी समाधान निकलता नहीं दिख रहा है।
भागलपुर से देवसिया तक नदी की कटान को रोकने के लिए लांचिंग-पीचिंग, स्पर बांध और पार्कों पाइन डाले जा रहे हैं। फिर भी कटान थमने का नाम नहीं ले रही। हर साल उपजाऊ भूमि को नदी लील रही है। देवसिया के दक्षिण कटान स्थल पर नदी भागलपुर-मईल मार्ग से 50 मीटर की दूरी तक कटान कर चुकी है।
भागलपुर से देवसिया तक कटानरोधी चार बड़े प्रोजेक्टों पर 40 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च हो चुकी है। वर्ष 2012-13 में भागलपुर-मईल मार्ग बांध को बचाने के लिए तीन करोड़ की लागत से तीन स्पर बांध बने।
वर्ष 2014-15 में देवसिया के पश्चिम 200 मीटर लांचिंग, पीचिंग और कटर कार्य हुआ। वर्ष 2018-19 में देवसिया के दक्षिण चार करोड़ की लागत से दो स्पर बांध का निर्माण हुआ।
वर्ष 2023-24 में देवसिया के पश्चिम 10 करोड़ रुपये और भागलपुर कस्बे के पश्चिम नौ करोड़ रुपये से क्रमशः 400 और 300 मीटर लांचिंग-पीचिंग का कार्य किया गया।
इसके अलावा 2025 में भागलपुर से देवसिया तक 600 मीटर लांचिंग-पीचिंग-कटर कार्य पूरा किया गया, जबकि देवसिया के दक्षिण में कटान रोकने के लिए 1.5 करोड़ रुपये का पार्कों पाइन डाला गया। इसके बावजूद नदी का दबाव इतना अधिक है कि कटान नहीं रुक रही है।