बरहज। बुधवार को नगर के सरयू तट पर आयोजित सरयू महोत्सव का वातावरण भक्तिमय रहा। महोत्सव में उपस्थित भारी भीड़ आस्था में डूबी हुई नजर आई। शाम को नदी तट पर हुई विहंगम आरती इस बात की गवाही दे रही थी कि बरहज का सरयू घाट वाराणसी के किसी घाट एवं गंगा की आस्था से कम नही है।
महोत्सव का शुभारंभ नपाध्यक्ष व कार्यक्रम के आयोजक अजीत जायसवाल के द्वारा फीता काट कर किया गया। इसके बाद मंच से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवा देने वाले लोगों को अंग वस्त्र सहित स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। महोत्सव का आयोजन सरयू आरती के एक वर्ष पूरे होने पर किया गया।
आयोजक ने नगर सहित आस पास से प्रतिदिन सरयू आरती में उपस्थित रही जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि हमने नगर में एक धार्मिक परम्परा की शुरुआत की थी। इस परंपरा का सफलता पूर्वक निर्वहन क्षेत्र की सम्मानित जनता के सहयोग से हुआ है। अपेक्षा है कि इस आरती की परंपरा जीवनपर्यंत जारी रहे।
आरती के समय पूरा घाट दीपों की रोशनी से नहा उठा। महोत्सव कार्यक्रम में डॉ महेंद्रनाथ पांडेय, हबीबुर्ररहमान, डॉ केपी सिंह, रामेश्वर यादव, एस मोहिउद्दीन खान, अखिलेश जायसवाल, विधानचंद, महेंद्रनाथ गुप्ता, प्रभाकर शुक्ला, डॉ. अजय मिश्र, रामचंद्र जायसवाल, शारदा प्रसाद गुप्त, श्रवण गुप्त, नीलम जायसवाल, प्रियंका जायसवाल, सुभावती देवी, बीना देवी आदि लोग उपस्थित रहे।