भारत बंद के समर्थन में उतरा संयुक्त किसान मोर्चा
देवरिया/भाटपाररानी। भारत बंद के समर्थन में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने धरना प्रदर्शन किया। सुभाष चौक पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नए कृषि कानून को किसान विरोधी बताया। कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्री मांगपत्र डीएम को सौंपा।
किसानों के सख्त तेवर को देखते हुए शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कुछ संगठनों ने दुकानों को बंद कराने का प्रयास किया। पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले पैदल मार्च निकालकर किसानों ने कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अलावा अन्य संगठनों से जुड़े किसान शामिल हुए। किसानों ने केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए नए कृषि कानून को वापस लेने, कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर कानून की गारंटी देने, स्वामीनाथन कमीशन की सभी सिफारिशों को लागू करने, सरकारी, सहकारी बैंकों एवं महाजनों की ओर से दिए गए कर्ज को माफ कराने की मांग की। इस दौरान राज्य कौंसिल के सदस्य आनंद प्रकाश चौरसिया, सदानंद चौरसिया, कमला यादव, चक्रपाणि तिवारी, रामजी चौहान, संजय दुबे, आकिल नफीस, काशीनाथ कुशवाहा, उमेश वर्मा, महेंद्र राजभर, कमलेश चौरसिया आदि मौजूद रहे।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को भारत बंद का नगर व क्षेत्र में कोई असर नही रहा। बाजार खुले रहे। किसान सभा के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश यादव के नेतृत्व में सदस्यों ने उपजिलाधिकारी ध्रुव कुमार शुक्ला को सात सूत्री ज्ञापन सौंपकर भारत बंद का समर्थन किया। उन्होंने तीनो कृषि कानून रद्द किए जाने, एमएसपी के लिए कानून बनाने, बैंकों, रेलवे सहित सरकारी व सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निजीकरण रोकने, महगांई पर रोक लगाने, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, उर्वरक, कीटनाशक दवाओं के बढ़े मूल्य को वापस लेने तथा गन्ना किसानों का बकाया मूल्य भुगतान करने की मांग की। इस दौरान किसान सभा के जिला मंत्री साधु शरण, पहवारी कुशवाहा, रामनक्षत्र, जयप्रकाश सिंह, चंद्रभान यादव, धर्मवीर यादव, महेश यादव, अभिलाष, कविलास आदि मौजूद रहे।
माकपा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
सलेमपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को माकपा कार्यकर्ताओं ने भारत बंद का समर्थन किया। प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम ओमप्रकाश बरनवाल को सौंपा।
कामरेड सतीश ने किसान आंदोलन में 300 से अधिक किसानों की शहादत को याद करते हुए बताया कि ये शहादत बेकार नहीं जाएगी। किसान आंदोलन अब जनांदोलन का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में केंद्र और प्रदेश सरकार को सबक सिखाने का काम जनता करेगी। इस दौरान रामनिवास यादव, हरे कृष्ण कुशवाहा, संजय गौड़, अविनाश मौर्य आदि आदि मौजूद रहे।