मासूम संस्कार यादव को जेल भेजती लार पुलिस
- फोटो : SALEMPUR
शव को ठिकाने लगाने की फिराक में था आरोपी
पत्र और आरोपी अरुण की लिखावट के मिलान ने खोल दिया राज
मुख्य आरोपी समेत उसके माता पिता को पुलिस ने भेजा जेल
हरखौली गांव के मासूम संस्कार यादव की हत्या का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
चनुकी/लार। लार थाना क्षेत्र के हरखौली गांव में छात्र संस्कार का अपहरण कर हत्या के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षक के पौत्र और उसके माता, पिता को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी अरुण इस फिराक में था कि मौका मिलते ही शव को ठिकाने लगा देगा। पर पुलिस ने उसकी मंशा पर पानी फेर दिया।
हरखौली गांव निवासी अरुण शर्मा, पिता राजकुमार शर्मा, मां कुमकुम शर्मा को पुलिस ने लार रोड से गिरफ्तार करने की बात बताई है। पुलिस के अनुसार हत्या का मुख्य आरोपी अरुण शर्मा ऑनलाइन गेम खेलता था। वह पबजी खेलने का आदी हो गया था। इसके चक्कर में बहुत रुपये बर्बाद करने के बाद मुख्य हत्यारोपी अरुण शर्मा अपने दादा-दादी को भी रुपये के लिए परेशान करता था। उसके मन में विचार आया कि क्यों न ट्यूशन पढ़ने आने वाले संस्कार यादव का अपहरण कर लूं और उसके बदले में फिरौती मिल जाए और दादा, दादी जेल भी चले जाएं। बुधवार को जब ढाई बजे संस्कार यादव ट्यूशन पढ़ने नरसिंह शर्मा के यहां गया तो अभी कोई दूसरा बच्चा नहीं पहुंचा था। इस बीच अरुण शर्मा बगल के लखीचंद साहू की दुकान से फेविक्विक लाया। संस्कार यादव को पकड़ कर शौचालय में ले जाकर मुंह पर फेविक्विक लगाकर टेप चिपका दिया। हाथ-पांव बांधकर शौचालय की सीट पर सुलाकर बाहर से ताला जड़ दिया। इसके बाद पत्र लिखा। शाम को थोड़ा अंधेरा हुआ तो उसे देखने गया। तब तक संस्कार की मौत हो चुकी थी। आरोपी इस फिराक में था कि पुलिस गांव से हट जाए तो वह शव को दूसरे जगह ले जाकर फेंक दे लेकिन पुलिस ने शक के आधार पर उससे पूछताछ की तो वह काफी समय तक चकमा देता रहा। पर एसओजी ने जब अरुण से एक सादे पन्ने पर लिखने की कही तो पूरा राज खुल गया। फिरौती के लिए लिखा गया पत्र और अरुण की हैंडराइटिंग मिल गई। इस पर पुलिस का शक विश्वास में बदल गया। इससे शव ठिकाने लगाने की मंशा पर पानी फिर गया। एसओ नवीन सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।