देवरिया। हत्या के मामले में जेल में बंद संदीप उर्फ झब्बर गुप्ता की इलाज के दौरान बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद परिवार के लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि संदीप जिस दिन जेल भेजा गया उस दिन उसे कोई बीमारी नहीं थी।
दो दिन बाद पुलिस ने तबीयत खराब होने की सूचना दी। पुलिस की पिटाई के चलते उसकी मौत हुई है। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में पिटाई या चोट के निशान नहीं मिले हैं, संदीप की मौत ब्रेन हेमरेज से होने की बात आई है। सोमवार को शव घर पहुंचने के बाद देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र के सोमनाथ मंदिर निवासी संदीप गुप्ता उर्फ झब्बर गुप्ता के खिलाफ वर्ष 2019 में वार्ड के एक व्यक्ति की हत्या के मामले में कोतवाली में केस दर्ज हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो वर्ष जेल काटने के बाद जमानत पर घर आया था।
14 नवंबर को कोतवाली पुलिस ने इसी मामले में वारंट का हवाला देकर गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया। परिवार के लोगों का आरोप है कि जिस दिन संदीप जेल भेजा गया, वह बिल्कुल ठीक था। अगर वह बीमार था तो पुलिस को सूचना पहले देनी चाहिए। उसकी तबीयत खराब होने की सूचना जेल से नहीं मिली।
16 नवंबर की सुबह छह बजे पुलिस ने बस स्टेशन पर एंबुलेंस में लादकर जानकारी दी कि उसकी तबीयत खराब है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में करीब 11.30 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से संदीप की मौत हुई है। हालांकि पीएम रिपोर्ट में उसकी मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है। मौत के बाद संदीप की मां, पत्नी, बेटी अन्न्या, अंशिका व प्रिती, बेटा उत्तम का रो रोकर बुरा हाल है।