देसही देवरिया। केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनियों में शुमार ओएनजीसी देवरिया और कुशीनगर से बरेली तक जमीन के नीचे दबे पेट्रोलियम पदार्थों के स्रोत तलाश रही है। इसके प्रथम चरण का अभियान चल रहा है। खोदाई कर जमीन के नीचे से लिए गए नमूने देहरादून प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। नमूने की जांच से स्रोत की पुष्टि के बाद प्लांट लगाकर पेट्रोलियम पदार्थ निकाले जाएंगे।
केंद्र सरकार की ओर से तेल एवं प्राकृतिक गैस लिमिटेड कंपनी (ओएनजीसी) को बिहार की सीमा से सटे कुशीनगर-देवरिया से लेकर बरेली तक डीजल, पेट्रोल एवं प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की जांच के लिए अधिकृत किया गया है।
अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों की मदद से यह काम तेजी से किया जा रहा है। कंपनी ने इसी माह अपना यह कार्य बिहार से सटी कुशीनगर की पूर्वी सीमा से शुरू किया। करीब 15 दिन पहले देवरिया जिले के पूर्वी-उत्तरी छोर से खोजी अभियान शुरू हुआ था। इसके लिए खेतों में बोरिंग करके उपकरणों की मदद से जांच की जा रही है।
बोरिंग करके बने रास्ते से जमीन के भीतर विस्फोट कराया जा रहा है। इसके बाद मिट्टी, पानी आदि का नमूना एकत्रित किया जा रहा है। बृहस्पतिवार की देर शाम क्षेत्र के सोनिया और बालकुआं गांव में बोरिंग के बाद विस्फोट कर नमूना एकत्रित करने के बाद कंपनी के कर्मचारी कुशीनगर की सीमा में आगे बढ़ गए। इससे पहले शाहजहांपुर, मुंडेरा उर्फ देउरवा, मुंडेरा आदि गांवों के बीच तकनीकी उपकरणों की मदद से नमूने लिए गए।
सोनिया गांव के पास अर्थ सप्लाई में लगे कर्मचारी
बोरिंग करने के बाद विस्फोट करने के लिए कर्मचारी लंबा केबल बिछाकर जमीन से अर्थिंग ले रहे हैं। इसके लिए जगह-जगह बैट्री और कंट्रोलर लगाया जा रहा है। जिस जगह बोरिंग किया जा रहा है, वहां से करीब 20 किलोमीटर दूर से सिस्टम लगाकर अर्थिंग दिया जा रहा है। इसके बाद केबल समेट लिया जा रहा है।