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नौ माह में सिर्फ 225 को रोजगार दे पाया ग्रामोद्योग विभाग

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नौ माह में सिर्फ 225 को रोजगार दे पाया ग्रामोद्योग विभाग
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देवरिया। कोरोना काल में बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं पर जिम्मेदारों की सुस्ती भारी पड़ रही है। जिला ग्रामोद्योग विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो नौ माह में दो योजनाओं को मिलाकर सिर्फ 225 लोगों को रोजगार दिया गया है। जबकि शासन ने विभाग को मार्च तक 656 रोजगार सृजन का लक्ष्य आवंटित किया है।
जिला ग्रामोद्योग विभाग में प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन व मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना संचालित है। शासन ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में विभाग को 396 रोजगार सृजन का लक्ष्य आवंटित किया है। इसमें 33 इकाइयों को 99 लाख की धनराशि अनुदान के रूप में दी जानी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में 13 इकाइयों को 65 लाख रुपये लोन दिया जाना है। 260 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। दोनों योजनाओं में लक्ष्य के तीन गुना आवेदन आए हैं। विभाग की ओर से आवेदन प्रेषित भी किए गए हैं लेकिन लोन स्वीकृत करने में बैंकों की हीलाहवाली के चलते युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा।
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योजनाओं की स्थिति एक नजर में
- मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना
- 13 के सापेक्ष दो इकाइयों को मिला लोन
- 260 के सापेक्ष 16 को मिला रोजगार
- 65 लाख के सापेक्ष चार लाख वितरित हुआ लोन
- बैंकों में लंबित हैं 25 आवेदन
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना
33 के सापेक्ष 19 इकाइयों को मिला है अनुदान
396 के सापेक्ष 209 को मिला है रोजगार
99 लाख के सापेक्ष 19 इकाइयों को दी गई मार्जिन मनी
बैंकों में लंबित हैं 95 आवेदन
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की प्रगति ठीक है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना की प्रगति सुधारने के लिए बैंकों पर दबाव बनाया जा रहा है। मार्च तक हर हाल में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
-हरिनाथ राम, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी
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