संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/एकौना। गोर्रा नदी के पांडेय माझा जोगिया तटबंध पर माझा भीमसेन और शीतल माझा गांव के समीप हो रही बोल्डर पिचिंग दरकने लगी है। नदी में झुक रहा बोल्डर पिचिंग दरकने से शासन के तीन करोड़ की परियोजना पर पानी फिर सकता है।
यहां निरोधात्मक कार्य को मई तक सिंचाई विभाग को पूरा करना था, समयावधि पर कार्य पूरा न होने पर कार्यदायी संस्था ने आनन फानन में अगस्त तक काम कराया और अब बोल्डर पिचिंग दरकने लगा है। जिसको देख तटवर्ती गांव के लोगों में दहशत बनी है।
यदि यहां बंधा कटा तो कछार के 64 गांव के अलावा कस्बा में बाढ़ का पानी घुस जाएगा। पांडेय माझा जोगिया सरमोहना बांध की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन से तीन करोड़ रुपये का बोल्डर पिचिंग काम कराया जा रहा था।
जिसे मानसून के पहले मई महीने में ही पूरा करने का निर्देश था। जिसको सिंचाई विभाग ने अगस्त महीने के पहले सप्ताह तक कराया है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात शुरु होने पर बोल्डर पिचिंग सतह से नहीं हो पाया।
सतह से बोल्डर पिचिंग का स्लैब नहीं बनाए जाने के कारण अब गोर्रा का जलस्तर बढ़ने और घटने लगा है। नदी के जलस्तर में पल-पल बदलाव से बोल्डर पिचिंग कई जगहों पर दरक रहा।
गट्ठर में बंधा बोल्डर नदी के तरफ झुकाव कर रहा है। बंधे के किनारे बसे लोगों के अनुसार जलस्तर घटने पर बोल्डर पिचिंग नदी में समा जाने की पूरजोर संभावना है। ऐसे में तीन करोड़ की परियोजना पर पानी फिरता नजर आ रहा।
लोगों ने कहा-पिचिंग दरका तो डूब जाएगा क्षेत्र : सपा नेता हरेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि शासन प्रशासन ने क्षेत्र को डूबोने की पूरी तैयारी कर ली है। आग लगने पर कुंआ खोदने वाला सिंचाई विभाग नदी का जलस्तर बढ़ने तक काम कराता रहा, नतीजा है कि अब बोल्डर पिचिंग दरक रहा है।
जिससे बंधे पर खतरा बढ़ गया है। कटान स्थल के करीब छह साल से नदी के कटान करने से बंधा सकरा हो गया है। जिस पर चार पहिया वाहन से गुजरना मुश्किल हो गया है। बंधा दुरुस्त नहीं हुआ तो कछारवासियों के साथ तहसील का घेराव किया जाएगा।