रुद्रपुर में सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण फैला कूड़ा-करकट।
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रुद्रपुर। तीन माह से मानदेय नहीं मिलने से आंदोलित सफाईकर्मियों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। गुस्साए कर्मचारियों ने नगर पंचायत कार्यालय में नालियों से कचरा निकाल कर उड़ेल दिया। चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी के दफ्तर पर कचरा फेंका। जलकल रोड स्थित नगर पंचायत के कैंपस में पूरे दिन ठेकेदार के मुनीम को बंधक बनाए रखा। उन्होंने ठेकेदार और नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नगर पंचायत प्रशासन ने नगर की सफाई की जिम्मेदारी ठेकेदार को सौंप रखा है। मानदेय को लेकर अक्सर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले जा रहे हैं। नगर के सड़क और मोहल्ले में गंदगी से बदबू उठ रही है। कुछ मोहल्ले में जानवर सड़क पर मरे पड़े हैं, उन्हें नहीं हटाने से संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बनी है। नगर में सफाई को लेकर प्रशासन पूरी तरह से चुप्पी साध बैठा है। मानदेय नहीं मिलने से सफाई बंद किए कर्मचारी अब उग्र आंदोलन करने लगे हैं। मंगलवार सुबह आठ बजे सफाई कर्मचारी नालियों का कचरा डिब्बे में लेकर गए। नगर पंचायत के हर दफ्तर के सामने फेंकना शुरू कर दिया
सफाईकर्मियों का गुस्सा देख नगर पंचायत के कर्मचारियों ने उन्हें मना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। मुख्य बाजार, आदर्श चौराहा, खजुहा चौराहा, पुराना चौक, बस स्टेशन, पुन्नी साहू चौराहे के अलावा कोतवाली, सीएचसी गेट, कॉलेजों के सामने कूड़े का अंबार लगा है। रास्ते से गुजरने वाले नाक बंद करके जा रहे है।
पूर्व चेयरमैन सुभाषचंद मद्धेशिया ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण सफाईकर्मियों का मानदेय फंस गया है। अब नगर पंचायत उगलने और निगलने के हालात में नहीं है। सफाई व्यवस्था को लेकर उग्र आंदोलन होगा। नगर में एक माह से ठीक ढंग से सफाई नहीं होने पर अधिशासी अधिकारी मुकेश चौधरी सिर्फ जल्द ही व्यवस्था ठीक करने का आश्वासन दे रहे हैं।
ठेकेदार द्वारा नगर में सफाई नहीं कराने पर उनकी ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाने पर लोग अब सवालियां निशान खड़ा करने लगे है। नगर पंचायत प्रशासन नगर में सफाई के मामले को लेकर चुप्पी मार बैठी है।