अब चौबीस घंटे में मिलेगी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट
देवरिया। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए अब लोगों को ज्यादे इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब चौबीस घंटे में लोगों को जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके लिए जिला चिकित्सालय में लैब तैयार हो गया है और ट्रायल भी हो रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो एक से दो दिन में लैब का शुभारंभ कर हो जाएगा। इसके बाद लोगों को रिपोर्ट जल्द मिलने लगेगी, जिससे उन्हें इलाज कराने में सुविधा होगी।
कोरोना संक्रमण तथा अस्पताल में आपरेशन व अन्य अस्पतालों में इलाज कराने जाने के लिए मरीजों को आरटीपीसीआर जांच करानी पड़ती है। इसके लिए सैंपल लेकर बीआरडी मेडिकल कालेज स्थित लैब में भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट आने में 72 घंटे का समय लग जाता है तो कभी-कभी कई-कई दिन लग जाते हैं, जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देेखते हुए शासन स्तर से जिले में आरटीपीसीआर जांच का निर्णय लिया गया। इसके मद्देनजर सीएमओ व महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने जिला अस्पताल में लैब स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित किया। लैब बनकर तैयार हो गया है। कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।
ट्रायल में 173 सैंपल की हुई जांच
देवरिया। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच के स्थापित लैब में ट्रायल एक सप्ताह से चल रहा है। इस दौरान 173 सैंपल की जांच की गई है। तीन, पांच, छह जुलाई को दस-दस, सात को तीस, आठ को बीस, नौ को पचपन व दस जुलाई को अड़तीस सैंपल की जांच की गई।
तीन से चार सौ जांच की है क्षमता
जिला अस्पताल में स्थापित आरटीपीसीआर लैब की तीन से चार सौ सैंपल जांच करने की क्षमता है। जांच से संबंधित कुछ सामग्री की कमी है। उसके आ जाने पर जांच में तेजी आ जाएगी। जनपद से प्रतिदिन औसतन करीब दो हजार सैंपल जांच के लिए गोरखपुर भेजा जाता है। लैब के शुरू हो जाने से कुछ राहत मिलेगी।
ये कर्मचारी हैं तैनात
जिला अस्पताल स्थित आरटीपीसीआर लैब का नोडल अधिकारी डॉ. अकील अहमद को बनाया गया है। यहां आठ कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसमें डॉ. पुष्पांक वत्स, नान मेडिकल साइंटिस्ट सौम्या पांडेय, एलटी मनीष यादव, अभिनंदन त्रिपाठी, भुवनेश्वर सिंह, एलए विनय कुशवाहा, महेश्वर पांडेय, डाटा आपरेटर विवेक पांडेय शामिल हैं।
जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच के लिए लैब तैयार हो गया है। ट्रायल भी किया जा रहा है। लैब का जल्द शुभारंभ कर दिया जाएगा। -डॉ. आलोक पांडेय, सीएमओ