- खजनी, खलीलाबाद, बस्ती से मोड़कर चलाई जा रही बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर कांवड़ यात्रा के चलते रूट डायवर्जन किया गया है। इसका सीधा असर देवरिया व गोरखपुर से लखनऊ व कानपुर तक यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर भारी पड़ेगा। जिले से जा रही बसों को खलीलाबाद या बस्ती से ही मोड़ दिया जा रहा है, ऐसे में यहां यात्रियों को बढ़े किराए के साथ ही यात्रा पूरी होने में अधिक समय भी जाया करना पड़ा रहा है।
गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर किए गए डायवर्जन के चलते देवरिया डिपो की बसें भी प्रभावित हो रही हैं। वर्तमान में डिपो से दिल्ली के लिए दो, लखनऊ के लिए पांच व कानपुर के लिए आठ बसें संचालित हो रही हैं। रूट डायवर्जन के चलते खलीलाबाद व बस्ती से ही अयोध्या की ओर से जाने वाली बसों को अन्य रास्तों से चलाया जा रहा है। बस्ती में अधिकतर बसों को फुटहिया चौराहे से लुंबिनी- दुद्रधी मार्ग की ओर मोड़ दिया जा रहा है। गोरखपुर से लखनऊ, कानपुर जाने वाली कुछ बसों को खजनी, कलवारी, अंबेडकरनगर होते हुए लखनऊ तक भेजा जा रहा है। गोरखपुर से आलमबाग तक जाने वाली जो बसें गोंडा-उतरौला होते हुए जा रही है, इस मार्ग से दूरी भी बढ़ जाने से उनका किराया सीधे 366 रुपये पड़ रहा है, जबकि अयोध्या के रास्ते यह किराया 306 रुपये ही है।
यात्रियों को अधिक किराया और समय देकर करनी पड़ रही यात्रा
मंगलवार को डिपो की बस से लखनऊ जा रहे मनीष त्रिपाठी ने बताया कि रूट डायवर्जन के चलते यात्रियों को सर्वाधिक नुकसान हो रहा है। उन्हें अधिक किराया और समय देना पड़ रहा है। यहां से गोरखपुर लखनऊ के लिए सोमवार को बस पकड़ने आए सौरभ मल्ल ने रूट डायवर्जन के चलते यात्रा में अधिक समय लग जाएगा, यह पीड़ा दायक स्थिति होगी।
ट्रेनों में दिख रहा डायवर्जन का असर
देवरिया। रूट डायवर्जन के चलते ट्रेनों में भी अधिक भीड़ के रूप में इसका असर दिख रहा है। बिहार से आने वाली ट्रेनों में यह सर्वाधिक है। कम किराया और समय लगने के चलते अधिकांश यात्री बसों से जाने के बजाय ट्रेनों को ही तरजीह दे रहे हैं। देवरिया सदर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक संदीप भटनागर ने मंगलवार को बताया कि सुबह में लखनऊ जाने वाली ट्रेनों के अलावा रात में कृषक एक्सप्रेस में इस समय अधिक भीड़ हो रही है।
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दो अगस्त के बाद गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन के पुन: शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में बसों को आने जाने में दिक्कत नहीं होगी। अभी रूट डायवर्जन के चलते देवरिया सहित अन्य डिपो की बसों को खलीलाबाद, बस्ती से मोड़ दिया जा रहा है। कुछ बसें खजनी होकर जा रही हैं। इससे बसों का किलोमीटर बढ़ जा रहा है। किलोमीटर बढ़ने पर इसका असर यात्री किराए पर सीधा पड़ेगा।
-राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी देवरिया डिपो