देवरिया। पर्व मनाने के बाद वापस जाने वाले यात्रियों की संख्या अभी कम नहीं हुई है। डिपो के अलावा जिले चौक चौराहों पर भी खड़े यात्रियों को घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। लोकल रूटों के यात्री सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं।
बुधवार को दिल्ली के लिए तीन, लखनऊ व कानपुर के लिए सात- सात बसें रवाना हुईं। रोडवेज अधिकारियों व कर्मचारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या में कमी आने के बाद ही स्थिति सामान्य हो पाएगी।
रोडवेज प्रशासन इधर लगातार यात्रियों को समय से बसें उपलब्ध कराने में अक्षम साबित हो रहा है। डिपो के पास भले ही निगम की 71 व अनुबंधित 131 बसें हैं, लेकिन बाहर से आए यात्रियों के आगे इनकी संख्या कम पड़ रही है।
गोरखपुर जाने के लिए समय से बसें कार्यशाला के जिम्मेदार नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को डिपो में बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे बुरी स्थिति लार-सलेमपुर-गोरखपुर रुट के चौक-चौराहों पर खड़े यात्रियों की है।
इनके लिए बसें रुक ही नहीं रही हैं, क्योंकि जहां से बसें चल रही हैं, वहां से वह पहले से ही फुल होकर आ रही हैं। बीच में कहीं बसें रुक रही हैं तो चढ़ने वाले यात्रियों को खड़े होकर ही अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ रही है। सलेमपुर से जिला मुख्यालय आने वाले दैनिक यात्री अशोक कुमार, राजहंस पांडेय ने बताया कि पर्व जब से शुरू हुए, बसों की दिक्कतें शुरू हुई हैं। हर दिन बसों के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। कभी-कभी पूरी यात्रा खड़े होकर ही करनी पड़ रही है। जिम्मेदारों को पर्व को देखते हुए अतिरिक्त बसों का इंतजाम करना चाहिए, ताकि अन्य यात्रियों को दिक्कत न हो।