देवरिया। सड़कों पर बिजली के खंभों से हादसों का खतरा बना हुआ है। विभाग की लापरवाही के कारण इन्हें हटाया नहीं जा सका है। कई जगह ट्रांसफाॅर्मर भी लगे हैं। सुगम यातायात के लिए सड़कों से बिजली के ट्रांसफाॅर्मर और खंभों को अलग शिफ्ट करने का आदेश है, लेकिन उसे अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया।
बिना विद्युत पोल को हटाए कई सड़कों का विस्तारीकरण हो गया और इस कारण विद्युत पोल सड़कों के बीच मेंं आ गए। शहर की सीमा बढ़ती जा रही है। सड़कें भी चौड़ी हो रही हैं, लेकिन पुराने समय से लगे बिजली के पोल अब भी वहीं खड़े हैं। उनमें जंग भी लग गई है। बस बदलाव यह है कि जहां पहले वह किनारे खड़े थे। अब सड़क बनने और चौड़ा हाेने के कारण वे बीच में आ गए हैं। कहीं-कहीं तिराहे पर ये पोल इस तरह खड़े हैं कि किसी को गाड़ी घुमानी हो तो उसे कई बार बैक करके घुमानी पड़ती है। स्थानीय लोगों को हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती है। बीच सड़क पर पोल होने की बात करने पर नगर पालिका और विद्युत निगम अधिकारी एक दूसरे को इसका जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। नगर पालिका की तो इसको हटाने के लिए उसने कभी पहल नहीं की। राज्य विद्युत निगम भी इस बारे में लापरवाह बना हुआ है। चौड़ी सड़कें या गलियां बनने से फायदा क्या है। जब सड़कों पर बीच में पोल हैं। पैदल वाले तो निकल जाते हैं, लेकिन चारपहिया वाहन के लिए यहां पर वन वे की स्थिति बन जाती है। आए दिन इसकी वजह से जाम लग जाता है। सड़क के बीच में खड़े बिजली के पोल व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। ऐसा एक दो जगह नहीं, बल्कि शहर में कई जगहों पर है। ी