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Deoria News: शव को सड़क पर रख डेढ़ घंटे आवागमन किया ठप

Tue, 21 May 2024 03:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मृतक रीता देवी की मौत के बाद सोनुघाट में लोगो ने सडक किया जाम।संवाद
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सोनूघाट चौराहे पर स्थित निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने किया हंगामा
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फोटाे
- पुलिस ने आक्रोशितों को समझाते हुए जाम समाप्त करने की कही बात, नहीं मानने पर किया हल्का बल प्रयोग
-परिजनों का आरोप, सुबह से ही डॉक्टरों से मेडिकल कॉलेज रेफर करने की लगाते रहे गुहार

- पुरुष सदस्य के नहीं होने का फायदा उठा महिला की मौत के बाद स्ट्रेचर पर शव कर किया बाहर

- परिजनों के आवेदन पर पुलिस ने अस्पताल संचालक के विरुद्ध दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनूघाट। कोतवाली क्षेत्र के सोनूघाट में संचालित एक निजी अस्पताल में रविवार की शाम एक महिला की मौत हो गई। महिला को सीने में दर्द की शिकायत पर भर्ती कराया गया था। जहां स्थिति में सुधार होने की बजाय उसकी तबीयत बिगड़ती गई। साथ में मौजूद महिला सदस्यों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर करने की गुहार लगाई, लेकिन चिकित्सक व उसके कर्मी मनमानी करते रहे।
कर्मचारियों ने महिला की मौत के बाद उसके शव को स्ट्रेचर पर रखकर बाहर कर दिया। इस सूचना के बाद महिला के परिजनों व ग्रामीणों ने देर रात में अस्पताल पहुंच कर जमकर बवाल काटा। इसके बाद शव को सलेमपुर-देवरिया मुख्य मार्ग की एक लेन पर रख कर आवागमन ठप कर दिया। इसके बाद लोग आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील करने की मांग पर अड़ गए। सूचना पर सीओ संजय कुमार रेड्डी व कोतवाल वेद प्रकाश मौके पर पहुंचे और आक्रोशितों को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुट गए। काफी मान-मनौव्वल के बाद भी नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम हटवाया। देर रात में मुख्य मार्ग की एक लेन पर आवागमन सुचारु रूप से शुरू हो सका।
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भलुअनी थाना क्षेत्र के गड़ेर गांव के दरब टोला निवासी रीता देवी पत्नी महेश यादव को शनिवार को सीने में दर्द होने पर परिजनों ने सोनूघाट चौराहे पर संचालित मां राधिका मल्टी स्पेशियलिटी में भर्ती कराया। उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने रात में उसे घर जाने दिया। रविवार की सुबह अचानक रीता के सीने में दर्द शुरू हुआ तो परिजन एक बार फिर लेकर उसे मां राधिका अस्पताल में पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। इसके बाद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। यह देख महिला के साथ मौजूद पीड़िता की बहन व छोटे देवर ने मेडिकल कॉलेज रेफर करने की बात कही। इसके बाद भी महिला को रेफर नहीं किया गया। रविवार की देर शाम महिला की मौत हो गई तो अस्पताल के कर्मचारियों ने शव को स्ट्रेचर पर रखकर बाहर निकाल दिया और उसे अन्यत्र ले जाने की बात कही। रीता देवी की बहन जब उसके पास गई तो देखा कि उसकी सांसें नहीं चल रही थीं। इसके बाद उसने इसकी सूचना परिजनों को दी।
सूचना पर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। यह देखकर डॉक्टर व कर्मी अस्पताल में ताला बंद कर फरार हो गए। डॉक्टर को गायब देख लोगों ने सलेमपुर-देवरिया मुख्य मार्ग की एक लेन पर आवागमन ठप करा दिया। आक्रोशित लोग अस्पताल को सील करते हुए डॉक्टर व कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। लोगों ने सीएमओ को फोन कर सूचना दी, लेकिन सीएमओ मौके पर नहीं पहुंचे। सड़क जाम व प्रदर्शन करने की सूचना पर कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा मौके पर पहुंच लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गए। कुछ देर बाद एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी, सीओ सदर संजय कुमार रेड्डी ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया, पर आक्रोशित मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने सड़क पर आवागमन बहाल करने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए सभी को हटवाया। इसके बाद अवागमन बहाल हुआ।
एसडीएम व सीओ ने आक्रोशितों को आश्वासन दिया कि अस्पताल संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद लोग शांत हुए। इधर, सोमवार की दोपहर में कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने शव का अपनी देखरेख में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम के बाद गांव पर मां का शव देख बेटा विंध्याचल (12) और बेटी श्वेता (08) का रो-रो कर बुरा हाल था।
पत्नी की मौत की सूचना पर नागपुर से पति महेश यादव गांव के लिए निकल चुके हैं। देर शाम तक गांव पहुंचने के बाद रात में ही बरहज स्थित सरयू घाट पर दाह संस्कार किया जाएगा।
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शहर कोतवाल वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि परिजनों की तरफ से लिखित तहरीर मिली है। तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। शीघ्र ही दोषी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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