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मेडिकल कॉलेज : कहीं हो-हल्ला तो कहीं मरीज-तीमारदार भिड़े

Tue, 21 May 2024 03:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया मेडिकल कॉलेज ​स्थित पीआईसीयू वार्ड का एसी खराब हाथ पंखा झलते तिमारदार।संवाद
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तैनात होमगार्ड के लोकसभा चुनाव ड्यूटी में जाने से आ रही है दिक्कत

संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रही। उमस भरी गर्मी के कारण मरीज और तीमारदार परेशान रहे। कुछ जगह लाइन में खड़े लोगों ने हो-हल्ला किया जबकि हड्डी रोग विभाग में बगल से जाने से रोकने पर कुछ लोग कर्मियों से उलझ गए। जबकि डिजिटल एक्स-रे कक्ष में तीमारदार और मरीज आपस में भिड़ गए और गुत्थमगुत्थी करने लगे। लोगों ने बीच-बचाव कर शांत कराया। सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के लोकसभा चुनाव ड्यूटी में जाने से दिक्कत आ रही है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में रविवार को अवकाश के बाद अस्पताल खुलने पर सोमवार को मरीजों की भीड़ रही। यहां जिले के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग भी आते हैं। करीब 2300 लोगों ने इलाज कराने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। जबकि 1500 से अधिक पुराने मरीज पहुंचे थे। इसके अलावा हर मरीज के साथ तीमारदार भी आए थे। सुबह आठ बजे से ही लोग अस्पताल पहुंचने लगे थे। 9:30 बजे तक तक कतार लंबी हो गई थी। दोपहर बाद करीब 1:05 बजे तक रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कतार लगी थी। उधर, ओपीडी में भी हर जगह भीड़ रही। मेडिसिन विभाग में लंबी कतार रही। डॉ. सराजुद्दीन, डॉ. गौरव, डॉ. विश्वजीत ने करीब 560 मरीजों का उपचार किया। इसमें बुखार, पेट दर्द, उल्टी, कमर, बदन दर्द के अलावा शुगर, बीपी सहित अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज रहे। मानसिक विभाग में डॉ. अंबु पांडेय ने 105, चेस्ट में डॉ. अनुराग शुक्ला व डॉ. ज्योति सिंह ने 115 मरीजों का इलाज किया। इसमें सांस, खांसी, टीबी के मरीज रहे। चर्म रोग विभाग में डॉ. अजीत पाल, डॉ. सुधा ने दाद, शरीर पर चकत्ते, दाने सहित स्किन की अन्य बीमारी से पीड़ित करीब 205 मरीजों का इलाज किया। ईएनटी में भी मरीजों की भीड़ रही। डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता ने 173 लोगों का उपचार किया। सर्जरी विभाग में दोपहर 2:10 बजे तक कतार रही। डॉ. मानवेंद्र ने 130 मरीजों का इलाज किया। करीब 1.30 बजे बिना नंबर के अंदर जाने पर अन्य लोग हो-हल्ला करने लगे। नेत्र विभाग में डॉ. कन्हैया, डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा ने 250 मरीजों का इलाज किया। हड्डी विभाग में सुबह 10 बजे से ही कतार लंबी होने लगी। डॉ. रजनीश राय, डॉ. शुभम पांडेय, डॉ. शंभू ने 505 मरीजों का इलाज किया। करीब एक बजे बगल से जाने से रोकने पर एक व्यक्ति कर्मियों से भिड़ गया। सुरक्षा कर्मी उसे लेकर गए। तब मामला शांत हुआ। उधर, डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर लंबी कतार थी। दोपहर 12:30 बजे लाइन में करीब दो घंटे से लगे लोग पर्ची जमा कर रहे थे। इसी बीच कुछ लोग बिना लाइन के जमा करने लगे। लोगों ने आपत्ति की, जिससे नीचे गिर गया। इसे लेकर तीमारदार व मरीज आपस में भिड़ गए और गुत्थमगुत्थी करने लगे। शोर सुनकर काम रोक कर कर्मचारी आए और समझा-बुझाकर मामला शांत कराए। सभी जगह उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। एक्स-रे सेंटर के पास पानी की व्यवस्था न होने से लोगों को दिक्कत हुई।
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होमगार्ड के मतदान ड्यूटी में जाने से नियंत्रित नहीं हो पा रही भीड़
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सहित अन्य स्थानों पर 46 होमगार्ड की तैनाती की जाती थी। वह मरीजों को नियंत्रित करते थे। इससे सभी को आसानी से सुविधा का लाभ मिलता था, लेकिन लोकसभा चुनाव ड्यूटी में सभी होमगार्ड चले गए हैं। कुछ ही हैं। गार्ड के गेट पर न होने के कारण मरीजों व तीमारदारों की भीड़ एक ही साथ डॉक्टर कक्ष में घुस जा रही है। इससे इलाज करने में दिक्कत हो रही है। कर्मचारी के मना करने पर बहस करने लग रहे हैं। इसके चलते दिक्कत आ रही है।


हड्डी विभाग में डॉक्टर व कर्मी से तीमारदार भिड़े, पुलिस को सौंपा
मेडिकल कॉलेज के आर्थो विभाग में सोमवार को मरीजों की भीड़ थी। डॉक्टर मरीज देख रहे थे। लाइन में खड़े लोग एक से डेढ़ घंटे से इंतजार कर रहे थे। इसी बीच करीब एक बजे कुछ लोग बगल से डॉक्टर कक्ष में जाने लगे तो लोग आपत्ति करने लगे। कर्मचारी के रोकने पर वे लोग उलझ गए और अपशब्द कहने लगे, अन्य कर्मी भी आए, लेकिन वे नहीं माने और अंदर पहुंच कर डॉक्टर से भी बहस करने लगे। इसी बीच सूचना अस्पताल सुरक्षा के नोडल अधिकारी डॉ. एसएस द्विवेदी को दी गई। उन्होंने तत्काल पुलिस को भेजा। सुरक्षा कर्मी पहुंचे और दो लोगों को पकड़ कर ले गए। इस दौरान कार्य ठप रहा। नोडल अधिकारी डॉ. एसएस द्विवेदी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस को भेजा गया था। सुरक्षा कर्मी दो लोगों को लेकर पुलिस चौकी पर आए थे। कुछ देर बाद उन्हें समझाया गया और चेतावनी देते हुए जाने दिया गया।
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कोट
आर्थो में कुछ लोग कर्मचारियों से भीड़ गए थे और डॉक्टर से बहस कर लिए। उन्हें लाकर पुलिस चौकी में कुछ देर बैठाया गया था। इसके बाद चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया। सभी को व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए। अस्पताल में लाइन से इलाज कराने में सभी को सुविधा होगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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