उद्यमिता और कौशल विकास राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने देवरिया को क्रांति की धरती बताते हुए देवरहा बाबा, बाबा राघवदास को स्मरण कर अपने भाषण का शुभारंभ किया। उन्होंने सपा का बिना नाम लिए कहाकि विपक्षी दल ने पीडीए का नारा दिया है। पर उन्हें पीडीए का मंतव्य ही नहीं स्पष्ट है।
उनके पास समाजवाद नहीं केवल जातिवाद है। उन्होंने कहाकि विपक्षी दल समाजवाद भूल गया है। हर चीज के पीछे उन्हें जाति दिखाई देती है। वह केवल जाति की बात करते हैं। जयंत चौधरी ने किसानों की बात करते हुए अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के कार्याें को गिनाया।
उन्होंने देवरिया को चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि बताया। कहाकि चरण सिंह ने किसानों को मजबूत करने की बात कही थी। कहा था कि जब किसान फैसले लेगा तब देश का विकास होगा। उन्होंने कहाकि किसानों को जाति में बांटकर कमजोर किया जा रहा है।
किसान जाति के फेर में नहीं फंसें। उन्होंने यह भी कहाकि चरण सिंह ने सार्वजनिक रूप से अंतरजातीय विवाह की हिमायत किया था। यह हिम्मत आजतक किसी नेता नहीं किया है। उन्होंने किसानों से एकजुट होने की अपील किया।