संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी के रास्ते नाव से परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा अन्य जनपदों के लोगों की आवाजाही होती है।
आवागमन सुलभ कराने के लिए पीडब्ल्यूडी समय-समय पर पीपा पुल बनवाता है। साथ ही, पावर वार्ज बोट भी चलवाता है। पाव वार्ज बोट के अक्सर बंद हो जाने पर लोग जान जोखिम में डालकर छोटी नाव से नदी पार करने पर मजबूर होते हैं।
बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से भुगतान न होने पर ठेकेदार ने नाव का संचलन बंद कर दिया जाता है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। सरयू नदी के रास्ते परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा मऊ, आजमगढ़ आदि जनपदों के लिए रोजाना लोगों की आवाजाही बनी रहती है। रमाशंकर यादव, मोदी यादव, अशोक कुमार, मंजनाथ, छोटेलाल आदि का कहना है कि पीडब्ल्यूडी की ओर से 15 नवंबर से 15 जून तक पीपा पुल, जबकि शेष दिनों में दो पावर वार्ज बोट के जरिये आवागमन सुलभ कराया जाता है।
लोगों का कहना है कि इस बार पीपा पुल नहीं लग सका था। वहीं ठेकेदार आए दिन भुगतान बकाया होना बताते हुए पावर वार्ज बोट का संचलन बंद कर देता है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
पुल बनकर तैयार नहीं होने और झंझावातों के कारण नदी पार करना मुश्किल हो जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरकारी नाव बंद होने और छोटी नाव से सफर करने में जहां जान का खतरा बढ़ जाता है, वहीं जेब भी ढीली करनी पड़ती है। दो दिन पहले पावर वार्ज बोट का संचलन ठप होने और ओवरलोड के कारण छोटी नाव डगमगा गई थी। नाव में पानी भर जाने से उसमें सवार हो रहे लोगों में हड़कंप मच गया था। आननफानन प्रशासन ने शुक्रवार को नाव का संचलन शुरू करा दिया है।