देवरिया। पशु तस्करी का धंधा पूरी तरह संगठित तरीके से संचालित होने लगा है। तस्करी में शामिल लोगों के बीच हर खेप के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी तय होती हैं। कोई पशुओं की व्यवस्था करता है तो कोई वाहन और रास्तों की निगरानी करता है।
पशुओं को बिहार में तय जगह पहुंचा देने के बाद ही इससे संबंधित रकम का बंटवारा होता है। एक गोवंश के बॉर्डर पार कराने पर करीब पांच हजार रुपये मिलते हैं।
पशु तस्करी रोकने के लिए जितनी तेज कार्रवाई हो रही है, उतनी ही तेजी से यह धंधा भी पांव पसार रहा है। वजह है इस धंधे में थोड़े जोखिम पर ज्यादा पैसा मिल रहा है। स्थिति यह है कि देवरिया जिले से सटे बिहार के गांवों में गोवंश पहुंचाने पर करीब पांच हजार रुपये मिल जाते हैं। महीने में चार बार भी ऐसा कर ले गए तो 20 हजार रुपये मिल जाएंगे। हालांकि, इसके चक्कर में युवा पीढ़ी लगातार अपराध की दलदल में फंसती नजर आ रही है।
पशु तस्करी के धंधे में 25 साल से कम उम्र के युवा पकड़े जा रहे हैं। बुधवार को भी भटनी पुलिस ने चार युवाओं को पशु तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि कई तस्कर तो ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पिता और चाचा को ऐसा करते देखा और अब खुद भी धंधे में शामिल हो गए हैं। पकड़े गए तस्करों ने पुलिस को बताया कि एक गोवंश को बिहार पहुंचाने पर तस्करों को करीब पांच हजार रुपये मिलते हैं। रास्तों में तस्करों के मुखबिर सक्रिय रहते हैं, जो पुलिस की गतिविधियों की जानकारी पहले ही दे देते हैं। यह धंधा पूरी तरह संगठित तरीके से संचालित होने लगा है। तस्करी में शामिल लोगों की हर खेप के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी तय होती है। कोई गोवंशों की व्यवस्था करता है तो कोई वाहन और रास्तों की निगरानी करता है। गोवंशों को बिहार में तय जगह पहुंचा देने के बाद ही इससे संबंधित रकम का बंटवारा होता है।
तस्करों की अगली पीढ़ी भी लगी इस धंधे में : पशु तस्करी के मामलों की जांच में एक और चिंताजनक तथ्य सामने आया है। पूर्व में पशु तस्करी से जुड़े लोगों के घर के अन्य सदस्य भी इस धंधे में शामिल हो रहे हैं। पहले इन युवाओं को रास्तों की जानकारी और गोवंशों की खरीद जैसे सामान्य काम में लगाया जाता है। इसके बदले इन्हें 500 रुपये प्रति खेप मिलते हैं। पकड़े गए तस्करों की पिकअप सीज : भटनी। बुधवार की रात पिपरा विठ्ठल गांव के सामने से पुलिस ने चार पशु तस्करों की गिरफ्तार किया था, उन्हें जेल भेजने के बाद पिकअप सीज कर दिया गया है। वहीं गोवंश को गोशाला में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य साथियों व और सरगना की तलाश कर रही है।