भटनी। नोनापार गांव में मंगलवार की रात झोपड़ी में आग लगने से चार लोगों की मौत के मामले में फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान घरवालों से रात में भोजन बनाने और सोने के समय के बारे में जानकारी ली जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है। बालकृष्ण बांसफोर ने परिवार के रहने के लिए चार झोपड़ियां बनवाई थीं। ये दो-दो झोपड़ियां दो हिस्सों में थीं। दोनों हिस्सों के बीच आने-जाने के लिए रास्ता था और वहां हैंडपंप भी लगा था।
पूर्वी हिस्से की दोनों झोपड़ियों में बालकृष्ण की पत्नी राबड़ी देवी, बेटा रतन और परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे। पश्चिमी हिस्से की एक झोपड़ी में बालकृष्ण, उनके दामाद जितेंद्र, बेटी लीला और मासूम शनि सो रहे थे। बगल की दूसरी झोपड़ी में बकरियां, साइकिल और अन्य सामान रखा था।
पुलिस को पश्चिमी झोपड़ी में खाना बनाने का चूल्हा मिला है। इससे चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, बिजली के तार भी कई टुकड़ों में बिखरे मिले हैं। ऐसे में शॉर्ट सर्किट की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है।
चार लोगों को आग में घिरा देख बेबस रहे परिजन : झोपड़ी में आग लगने पर बालकृष्ण, उनके दामाद जितेंद्र, बेटी लीला और मासूम शनि को लपटों में घिरा देख परिजन घबरा गए। उन्होंने पास स्थित दुर्गा पंडाल के युवकों के साथ शोर मचाकर मदद मांगी। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। लोगों ने चारों को बचाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बगल की दोनों झोपड़ियों को आग की चपेट में आने से बचा लिया। झोपड़ी में मिलीं जली हुई बियर की कई केन : अगलगी के बाद झोपड़ी में बियर की कई जली हुई केन मिलने की बात सामने आई है। घटनास्थल पर पहुंचे लोगों के बीच इसे लेकर चर्चा रही।
हालांकि, ये केन किसकी थीं और वहां कैसे पहुंचीं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम इस पहलू समेत घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। केन मिलने मात्र से आग लगने के कारण का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
पट्टे की जमीन और सरकारी आवास दिलाने का आश्वासन : अगलगी की घटना के बाद क्षेत्रीय विधायक ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को पट्टे की जमीन और सरकारी आवास दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही राशन की व्यवस्था कराने और सरकारी मुआवजा दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से बात करने की बात कही।
सपा नेता मनीष सिंह और कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सिंह ने भी परिजनों से मुलाकात कर सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।