कपरवार में खनन स्थल पर प्रदर्शन करते गांववाले।
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बरहज। क्षेत्र के कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु के समीपवर्ती गांवों के ग्रामीणों ने बालू खनन का टेंडर पास होने की जानकारी पर विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों ने खनन स्थल तक अपने खेत से रास्ता नहीं देने को कहा है, जबकि संगम तट से भागलपुर तक का एरिया डेंजर जोन घोषित है।
2013 में घाघरा में कोलखास गांव पूरी तरह कट गया। जिससे सरकार ने करीब 32 लाख में विस्थापितों को दो-दो डिस्मिल जमीन मुहैया कराया था। नदी के दूर होने पर खेत रेत में तब्दील हो गए। जिस पर कुछ किसान खेती करते हैँ। शासन ने उक्त स्थली पर खनन का टेंडर जारी किया है। जिसकी जानकारी होने पर रविवार को गोरखपुर जनपद के ग्राम पंचायत पटना के प्रधान हृदयशंकर सिंह के नेतृत्व में पंचायत भवन पर बैठक आहूत की गई। जिसमें नदी के किनारे के गांव कपरवार, नौका टोला, कुवाईच टोला सहित अन्य गांवों के लोगों ने भागीदारी की।
सभी ने मिलकर शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों कहना था कि होने वाले खनन से शेष गांवों पर कटान का संकट आ जाएगा। इस दौरान आनंद त्रिपाठी, आशुतोष सिंह, विवेक सिंह, मुखई यादव, अशोक, रणजीत सिंह, विजय बहादुर सिंह, दयाशंकर उपाध्याय, अरविंद यादव, जनार्दन गुप्त आदि उपस्थित रहे।