देवरिया। कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन के शिक्षक कृष्णमोहन सिंह आत्महत्या के प्रकरण के बाद बीएसए से जुड़े कार्याें की रिपोर्ट शासन ने तलब की है। इस प्रकरण से जुड़े कागजात मंगलवार को शासन से मांगी गई। जिसे भेजने में विभागीय लोग लगे रहे।
सदर ब्लॉक के बढ़या बुजुर्ग में कार्यरत एक शिक्षिका को सेवानिवृत्ति के तिथि के आठ माह बाद तक वेतन दिया गया था। बीते जुलाई 2025 में दिशा की बैठक में यह मुद्दा बरहज के विधायक दीपक मिश्र ने उठाया था। इसके बाद यह बात सुर्खियों में रही थी। इस प्रकरण में एक जांच समिति का गठन हुआ। इसमें तत्कालीन बीईओ को प्रथम दृष्टि में दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई। इस प्रकरण में सदर बीआरसी के दो आउटसोर्सिंग कर्मचारियों अकाउंटेंट और कम्प्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई करते हुए सेवा से बाहर कर दिया गया। प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद शिक्षिका ने आहरित अधिक वेतन को वापस जमा करा दिया। इसके बाद बीते 29 जनवरी को बरहज के विधायक ने गोरखपुर के कमिश्नर को पत्र लिखकर दोनों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को काम पर वापस लेने का अनुरोध किया। कमिश्नर ने इस प्रकरण में डीएम को लिख दिया। डीएम ने बीएसए से उचित निर्णय लेने को कहा। इसके बाद बीएसए ने कुछ दिन पहले दोनों को वापस काम पर लेने का निर्देश जारी कर दिया। इसमें एक कर्मचारी ने बैतालपुर बीआरसी में ज्वाइन कर लिया। वहीं दूसरा कर्मचारी गौरीबाजार में ज्वाइन करने के लिए पत्र जारी किया गया है। इधर शासन से किसी ने मंगलवार को बीएसए कार्यालय से इस प्रकरण में अबत की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। इसको लेकर पत्रावलियों को पूरे दिन सहेज कर भेजने का काम जारी रहा। हालांकि विभागीय जानकारों के अनुसार इस सूचना का कृष्णमोहन सिंह प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन शिक्षक की आत्महत्या के बाद इसका तूल पकड़ना कुछ और संकेत दे रहा है। फिलहाल जो भी हो इसकी चर्चा विभागीय हलकों में खूब हो रही है।
सेवानिवृत्ति शिक्षिका के प्रकरण में किसी प्रकार के पत्रावली को शासन द्वारा मांगे जाने की जानकारी मुझे नहीं है। मुझे कोई फोन नहीं आया था। बीएसए कार्यालय में किसी को फोन आया हो तो कुछ कह नहीं सकते हैं।
- देवमुनि वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी सदर
सेवानिवृत्ति के नौ माह बाद भी सदर ब्लॉक के शिक्षिका द्वारा वेतन लेने के प्रकरण की शिकायत शासन में की गई थी। इस प्रकरण में आउटसोर्सिंग कर्मियों पर कार्रवाई हो गई। पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षक की मौत के बेसिक शिक्षा विभाग की पोल खुल गई है।
- दीपक मिश्र शाका, विधायक बरहज