चहारदीवारी को तोड़कर पुनः हो रहा निर्माण
डॉक्टर आवास की छत की रेलिंग भी तोड़कर हो रहा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट। जिलाधिकारी के कड़े फैसले के बाद नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विशुनपुरा में जोर शोर से रिपेयरिंग का कार्य चल रहा है। मानक विहीन अस्पताल निर्माण में दोषी पाए जाने पर फर्म को जिलाधिकारी ने ब्लैक लिस्ट करते हुए फर्म की प्रोप्राइटर पर केस दर्ज करा दिया है।
थाना क्षेत्र के विशुनपुरा बाजार में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण एक वर्ष पूर्व हुआ था। चार माह पूर्व इस भवन को स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया था इसमें इलाज शुरू हो गया था। पूरा भवन 189.79 लाख रुपये से कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएसएस से ई-टेंडरिंग के जरिए टेंडर लेकर मेसर्स अंकित इंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर चंदा जायसवाल निवासी कनौजिया वार्ड पूर्वी पडरौना ने बनाया था। बरसात की पहली बारिश में ही अस्पताल परिसर में बने फार्मासिस्ट भवन का छज्जा टूट कर गिर गया था। दीवारों में जगह जगह दरार आ गई थी। छत से पानी टपक रहा था।
इस पूरे प्रकरण को अमर उजाला ने 25 जुलाई को प्रमुखता से छापा था। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया और जांच का आदेश दिया। जांच रिपोर्ट में भवन निर्माण में धांधली उजागर हो गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया और ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया। सोमवार को यूपी आरएनएसएस के अधिशासी अभियंता विनय कुमार सिंह की तहरीर पुलिस ने फर्म की प्रोप्राइटर चंदा जायसवाल पर धारा 409, 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर देखा कि अस्पताल की बाउंड्री तोड़कर पुनः बनाई जा रही है। वहीं डॉक्टर आवास की छत की रेलिंग को तोड़कर नया निर्माण हो रहा है। स्थानीय लोगों और मजदूरों ने बताया की उसी फर्म के लोग मरम्मत करा रहे है, जिनको जिलाधिकारी ने ब्लैक लिस्ट कर दिया है। आज भी रात में हुई बारिश में छत पर पानी जमा हुआ है। भवन की रेलिंग में जगह-जगह दरार पड़ा हुआ है।
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बताया की फर्म को रिपेयरिंग करने के लिए कहा गया है। जो भी धन खर्च होगा वह फर्म को वहन करना होगा। इस पूरे प्रकरण में टेक्निकल जांच चल रही है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।