देवरिया। शहर की सबसे व्यस्त और जामग्रस्त जगहों में शामिल कसया ढाले पर बनने वाला ओवरब्रिज भीखमपुर रोड से शुरू होगा। इससे सोनूघाट बाईपास, गोरयाघाट और बरियारपुर की ओर से आने-जाने वाले वाहन चालकों को जाम की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
लंबे समय से कसया ढाला क्षेत्र में ओवरब्रिज की मांग उठ रही थी, जिस पर अब प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल शुरू हो गई है। कसया ढाला रेलवे क्रॉसिंग पर पूरे दिन वाहनों की लंबी कतारें लगती रहती हैं। ट्रेन गुजरते ही गेट बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। खासकर सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। एंबुलेंस, स्कूल बस, दोपहिया और भारी वाहनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, ओवरब्रिज का निर्माण रेलवे लाइन के ऊपर किया जाएगा। रेलवे लाइन के हिस्से पर निर्माण कार्य रेलवे विभाग द्वारा कराया जाएगा, जबकि शेष हिस्से का निर्माण सेतु निगम करेगा। दोनों विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी सर्वे और डिजाइन से जुड़ी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर ली जाएंगी।
ओवरब्रिज करीब 800 मीटर लंबा होगा। इसमें भीखमपुर रोड की तरफ करीब 450 मीटर और रेलवे स्टेशन रोड पर 250 मीटर रिटेनिंग वाल होगा। इस ओवरब्रिज के बन जाने से सोनूघाट बाईपास, गोरयाघाट और बरियारपुर की ओर से आने वाले वाहनों को सीधे आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्हें रेलवे फाटक पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। साथ ही शहर के अंदर यातायात का दबाव भी कम होगा। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि कसया ढाला क्षेत्र में जाम के कारण रोजाना समय और ईंधन की बर्बादी होती है। कई बार छोटे-मोटे हादसे भी हो जाते हैं। ओवरब्रिज बनने से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और विकास को भी गति मिलेगी। प्रशासन का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद देवरिया शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। कसया ढाले पर ओवरब्रिज शहर की एक बड़ी समस्या का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।
इस ढाले पर ओवरब्रिज का निर्माण सेतु निगम को करना है, जिसके लिए लगभग 81 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। अब जल्द ही निर्माण की जद में आने वाले मकानों को चिह्नित किया जाएगा।